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बांधवगढ़ में बाघ का आतंक :घर के आंगन में सो रही महिला को मार डाला, बचाने पहुंचे पति-पिता और ससुर भी घायल

उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा क्षेत्र में बाघ ने घर के बाहर सो रही महिला को मार डाला। पति, पिता और ससुर भी हमले में घायल हुए। घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतका के परिवार को 25 लाख रुपये सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की।
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घर के आंगन में सो रही महिला को मार डाला, बचाने पहुंचे पति-पिता और ससुर भी घायल
घटना में एक महिला की मौत हो गई, जबकि परिवार के कई सदस्य घायल हुए

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे पनपथा क्षेत्र में शुक्रवार तड़के हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। खेरवा मोहल्ला में देर रात एक बाघ आबादी वाले इलाके में घुस आया और घर के बाहर आंगन में सो रही महिला पर हमला कर दिया। हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसे बचाने पहुंचे परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में डर, गुस्सा और तनाव का माहौल बना हुआ है। मृत महिला की पहचान फूल बाई, पति पहलू पाल, उम्र करीब 40 वर्ष के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रात करीब 3 बजे परिवार घर के बाहर आंगन में सो रहा था, तभी अचानक बाघ वहां पहुंच गया और फूल बाई पर हमला कर दिया। महिला की चीख सुनते ही पति पहलू पाल, पिता और ससुर दशई पाल उसे बचाने दौड़े, लेकिन बाघ ने उन पर भी हमला कर दिया।

परिवार को बचाने पहुंचे लोग भी बाघ के हमले का शिकार

प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार हमला इतना अचानक हुआ कि परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला। बाघ ने महिला को बुरी तरह घायल कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पति पहलू पाल, पिता और ससुर दशई पाल गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को तत्काल मानपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत पहले गंभीर थी, लेकिन फिलहाल वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। हालांकि शरीर पर गहरे पंजों के निशान और गंभीर चोटें होने के कारण उनका इलाज जारी है।

कई घंटे तक घर के आसपास मंडराता रहा बाघ

घटना के बाद सबसे भयावह स्थिति यह रही कि कई घंटों तक बाघ घर और आसपास के इलाके में ही मौजूद रहा। ग्रामीणों के अनुसार बाघ की मौजूदगी के कारण कोई भी व्यक्ति घर के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। पूरे मोहल्ले में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों में बंद हो गए। सुबह होते-होते बड़ी संख्या में ग्रामीण घर के बाहर जमा हो गए, लेकिन डर ऐसा था कि कोई भी ज्यादा करीब जाने को तैयार नहीं था। लोगों को आशंका थी कि बाघ दोबारा हमला कर सकता है।

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वन विभाग और पुलिस ने संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। हालात को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी दूसरी अनहोनी को रोका जा सके। वन विभाग की टीम लगातार बाघ को आबादी वाले क्षेत्र से बाहर निकालने की कोशिश में जुटी रही। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि बाघ को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ा जाए और गांव के लोगों को भी सुरक्षित रखा जाए। इसी दौरान बाघ को भगाने पहुंचे एक फॉरेस्ट रेंजर पर भी हमला हो गया। 

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ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार बाघ और अन्य वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा और निगरानी के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को पहले से इलाके में वन्यजीवों की गतिविधियों की जानकारी रहती है, लेकिन गांवों को समय पर अलर्ट नहीं किया जाता। इसी गुस्से के बीच कुछ ग्रामीणों ने पनपथा रेंजर श्रीवास्तव पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि इस दौरान उनके सिर में चोट आई। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस और अन्य अधिकारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और लोगों को शांत कराया। फिलहाल पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

बेटी के घर आए पिता भी हादसे का शिकार

इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि मृतका फूल बाई के पिता कुछ दिन पहले ही किसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने बेटी के घर आए थे। परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा इतनी दर्दनाक साबित होगी। महिला की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में हर तरफ मातम पसरा हुआ है और लोग इस घटना से सदमे में हैं।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया शोक

बाघ के हमले की खबर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि उमरिया जिले के बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान अंतर्गत खेरवा टोला में बाघ के हमले में महिला की मौत और अन्य लोगों के घायल होने की घटना बेहद दुखद है। मुख्यमंत्री ने मृतका के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों के मुफ्त इलाज और आवश्यक मुआवजा उपलब्ध कराने की घोषणा भी की गई है। डॉ. मोहन यादव ने लिखा कि शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

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Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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