नई दिल्ली। वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और प्रसिद्ध पत्रकार बलबीर पुंज का शनिवार शाम निधन हो गया। वे अपने विचारों के लिए जाने जाते थे। उनका निधन नोएडा के एक अस्पताल में हुआ, जहां उन्हें एक दिन पहले इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 12:30 बजे दिल्ली में किया जाएगा।
बलबीर पुंज सिर्फ एक राजनेता नहीं थे, बल्कि एक गहरे विचारक और प्रभावशाली लेखक भी थे। वे भाजपा के बौद्धिक प्रकोष्ठ से जुड़े रहे और पार्टी की वैचारिक दिशा तय करने में उनकी अहम भूमिका रही। उनकी पहचान एक ऐसे व्यक्ति के रूप में थी जो राष्ट्रीय मुद्दों पर साफ और मजबूत राय रखते थे।
बलबीर पुंज ने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की थी। उन्होंने 1971 में द मदरलैंड नामक अखबार के साथ काम शुरू किया। इसके बाद 1974 में वे फाइनेंशियल एक्सप्रेस से जुड़े और वहां करीब 20 साल तक काम किया।
पत्रकार के रूप में उन्होंने आर्थिक और राजनीतिक विषयों पर गहराई से लिखकर अपनी अलग पहचान बनाई। उनके लेखों में हमेशा तथ्यों और विश्लेषण देखने को मिलता था। बाद में उन्होंने ऑब्जर्वर ऑफ बिजनेस एंड पॉलिटिक्स में कार्यकारी संपादक के रूप में भी काम किया।
पत्रकारिता के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और भाजपा से जुड़ गए। वे 2000 से 2006 तक उत्तर प्रदेश और 2008 से 2014 तक ओडिशा से राज्यसभा सांसद रहे।
पार्टी में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वे भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे। इसके अलावा उन्हें केरल, पंजाब, गुजरात और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों का प्रभारी भी बनाया गया था।
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बलबीर पुंज भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के करीबी माने जाते थे। इसके अलावा वे तरुण विजय, एस गुरुमूर्ति, अजित डोभाल और दीनानाथ मिश्र जैसे दिग्गजों के समकक्ष माने जाते थे।
बलबीर पुंज ने पत्रकारिता संगठनों में भी सक्रिय योगदान दिया। वे 1989 से 1991 तक लगातार दो बार दिल्ली पत्रकार संघ के अध्यक्ष रहे। इसके बाद 1993 से 1995 तक नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के महासचिव भी रहे। उन्होंने मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में भी काम किया और दक्षिण-पूर्व एशियाई मीडिया प्रशिक्षण संगठन और iimc से जुड़े रहे।
उनके लंबे और प्रभावशाली योगदान को देखते हुए उन्हें 18 मई 2022 को देवर्षि नारद सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके आजीवन योगदान की पहचान था।
बलबीर पुंज नोएडा के सेक्टर-17 में रहते थे। उनके परिवार में उनकी दो बेटियां हैं, जिनमें से एक विदेश में और दूसरी दिल्ली में रहती हैं। उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए नोएडा के सेक्टर-47 स्थित उनके भाई के घर लाया जाएगा, जहां लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे।