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मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह कल जेल से बाहर आएंगे :इन शर्तों के साथ कोर्ट से मिलेगी बेल

मामले में अनंत सिंह पर आरोप था कि उन्होंने दुलारचंद यादव को गोली मारी थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कुछ और बताई गई। रिपोर्ट के अनुसार, मृतक की मौत लाठी से मारने और वाहन से कुचलने के कारण हुई थी।
इन शर्तों के साथ कोर्ट से मिलेगी बेल
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पटना। बिहार की राजनीति में चर्चित नाम अनंत सिंह सोमवार 23 मार्च 2026 को जेल से रिहा होने जा रहे हैं। करीब चार महीने तक जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिली है। जानकारी के मुताबिक, उनकी रिहाई दोपहर 2 बजे के बाद होगी, जिसके बाद वे सीधे पटना स्थित अपने 1 मॉल रोड आवास पहुंचेंगे। उनकी रिहाई को लेकर समर्थकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

    रिहाई के बाद ऐसा रहेगा कार्यक्रम

    अनंत सिंह की रिहाई के बाद का कार्यक्रम पहले से तय है। 24 मार्च की सुबह 8 बजे वे बड़हिया स्थित महारानी स्थान में दर्शन करने जाएंगे। इसके बाद उनका काफिला बख्तियारपुर पुराने रोड मार्ग से गुजरेगा। रास्ते में डुमरा में मुखिया विनीत उर्फ कारू के यहां उनके भोजन का कार्यक्रम भी तय है। जमानत मिलने के मौके पर समर्थकों ने भव्य स्वागत की तैयारी की है। पटना से लेकर बख्तियारपुर तक बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रहा है।

    क्या है पूरा मामला?

    अनंत सिंह को 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान हुई एक हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। 30 अक्टूबर 2025 को दुलारचंद यादव की मौत के बाद 1 नवंबर 2025 को पटना पुलिस ने बाढ़ के लदमा स्थित उनके आवास से उन्हें हिरासत में लिया था। इसके बाद से वे लगातार जेल में थे।

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    इन शर्तों के साथ मिली जमानत

    पटना हाई कोर्ट के जस्टिस रुद्र प्रकाश मिश्रा की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद उन्हें सशर्त जमानत दी है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि यदि अनंत सिंह किसी गवाह या सूचक को प्रभावित करने या धमकाने की कोशिश करते हैं, तो उनकी जमानत तुरंत रद्द कर दी जाएगी। साथ ही उन्हें हर सुनवाई में कोर्ट में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा।

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    पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनी जमानत का आधार

    मामले में अनंत सिंह पर आरोप था कि उन्होंने दुलारचंद यादव को गोली मारी थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कुछ और बताई गई। रिपोर्ट के अनुसार, मृतक की मौत लाठी से मारने और वाहन से कुचलने के कारण हुई थी। शरीर पर कई गंभीर चोटें, पसलियां टूटने और फेफड़े फटने की बात सामने आई। इसके अलावा, पुलिस के बयानों में भी घटनास्थल पर अनंत सिंह की मौजूदगी को लेकर स्पष्टता नहीं थी, जो जमानत मिलने की अहम वजह बनी।

    अनंत सिंह की रिहाई के बाद बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ने की संभावना है। उनके समर्थकों का मानना है कि उनकी वापसी से क्षेत्रीय राजनीति में नया समीकरण बन सकता है।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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