Uttarakhand:बद्रीनाथ धाम चढ़ावा मामले में बड़ा एक्शन, SIT ने प्रमोद नौटियाल को किया गिरफ्तार

चमोली। उत्तराखंड के चमोली स्थित बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में कथित हेराफेरी मामले में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच टीम ने आरोपी प्रमोद नौटियाल को देहरादून से हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए बद्रीनाथ पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि नौटियाल के खिलाफ ही इस मामले में FIR दर्ज की गई है। यह मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जांच के आदेश दिए थे। अब पुलिस जांच, मंदिर समिति की रिपोर्ट और अन्य प्रक्रियाओं के जरिए पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जा रही है।
दान राशि मामले में पहली गिरफ्तारी
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान की रकम में गड़बड़ी के आरोपों के बाद SIT ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। टीम ने प्रमोद नौटियाल को हिरासत में लेकर मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की जांच शुरू कर दी है।
वायरल पत्र के बाद शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पत्र के बाद चर्चा में आया था। पत्र में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के कर्मचारियों पर चढ़ावे की रकम में अनियमितता के आरोप लगाए गए थे। मामला सामने आते ही तीर्थ पुरोहितों, लोगों और राजनीतिक दलों ने भी सवाल उठाए थे। इसके बाद सरकार ने मामले की जांच के लिए अलग अलग स्तर पर कार्रवाई शुरू की।
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तीन स्तरों पर चल रही मामले की जांच
बद्रीनाथ धाम प्रकरण की जांच तीन अलग अलग स्तरों पर की जा रही है। मंदिर समिति अपने स्तर पर जांच कर रही है, जबकि पुलिस मामले की जांच एसआईटी के जरिए कर रही है। इसके अलावा व्यवस्थागत मामलों की जांच गढ़वाल कमिश्नर की निगरानी में चल रही है। जांच टीम कर्मचारियों के बयान दर्ज करने के साथ दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
CCTV फुटेज और रिकॉर्ड की हो रही जांच
जांच के दौरान मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज और अन्य रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, धाम में सीमित अवधि का सीसीटीवी रिकॉर्ड उपलब्ध है, ऐसे में पुराने रिकॉर्ड जुटाना जांच के लिए चुनौती बन सकता है। एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि गड़बड़ी कब और किस तरह हुई।
मंदिर समिति की संपत्तियों का भी हो रहा सत्यापन
जांच के दायरे में मंदिर समिति की संपत्तियां और संसाधन भी शामिल किए गए हैं। अधिकारियों ने एंबुलेंस और लैपटॉप सहित अन्य सामानों का सत्यापन शुरू किया है। जानकारी के अनुसार, मंदिर समिति के 12 लैपटॉप की जांच की गई, जिनमें से 11 का पता लगाया जा चुका है, जबकि एक लैपटॉप की जानकारी जुटाई जा रही है।
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सरकार ने कहा- दोषियों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही साफ कर चुके हैं कि बद्रीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा था कि जांच के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट होगी और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि श्रद्धा से जुड़े इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ जांच होनी चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि जांच एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से अपना काम कर रही हैं। मंदिर समिति की चार सदस्यीय टीम अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है, जिसमें CCTV रिकॉर्ड, कर्मचारियों के बयान और अन्य जानकारियां शामिल होंगी।











