इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बेबी बंदर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह बेबी मंकी अपने सॉफ्ट टॉय को कसकर पकड़े रहता है। उसी से लिपटकर सोता है, खेलता है और उसे छोड़ना नहीं चाहता। इस मासूमियत ने लोगों का दिल छू लिया है। इस नन्हे बंदर का नाम ‘पंच’ है।
यह वीडियो जापान के Ichikawa City Zoo का है। यहां रहने वाला यह छोटा बंदर अब सिर्फ जू का जानवर नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया का नया स्टार बन चुका है। एक्स से लेकर इंस्टाग्राम तक, लाखों लोग उसकी तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं।
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इस बीच एक और बात ने सबका ध्यान खींचा। मशहूर ऑनलाइन पर्सनैलिटी Tristan Tate ने इस वीडियो को रीशेयर करते हुए लिखा कि यह बंदर किस चिड़ियाघर में है? उन्होंने कहा कि वह और उनके भाई Andrew Tate इसे खरीदने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने 2,50,000 डॉलर यानी लगभग 2 करोड़ रुपए देने का ऑफर भी दे दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी लिखा कि वह मजाक नहीं कर रहे हैं। ट्रिस्टन टेट एक ब्रिटिश-अमेरिकन इंफ्लुएंसर और पूर्व किकबॉक्सर रह चुके हैं। वे और उनके भाई अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल, महंगी कारों और प्राइवेट जेट के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं।
जानकारी के अनुसार, पंच जब सिर्फ सात महीने का था, तभी उसकी मां ने उसे छोड़ दिया। इतने छोटे बच्चे के लिए मां से अलग होना आसान नहीं होता। ऐसे में जू के स्टाफ ने उसकी देखभाल शुरू की। उन्होंने उसे खाना दिया, सुरक्षा दी और प्यार भी दिया।
लेकिन मां की कमी को पूरी तरह कोई नहीं भर सकता। ऐसे में पंच को एक स्टफ्ड ओरंगुटान खिलौना दिया गया। धीरे-धीरे वह खिलौना ही उसका सबसे करीबी साथी बन गया। वह उसे अपने सीने से लगाकर बैठता है।
लोग जब यह दृश्य देखते हैं, तो उन्हें अपने जीवन के अकेलेपन के पल याद आ जाते हैं। शायद इसी वजह से यह वीडियो इतना ज्यादा वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इस वीडियो को शेयर करते हुए You’re not alone लिख रहे हैं। यानी तुम अकेले नहीं हो। कई लोगों को यह वीडियो उन्हें अपने बचपन की याद दिलाता है, जब वे भी किसी खिलौने को पकड़कर सोते थे। कुछ लोगों ने कहा कि यह दृश्य बताता है कि प्यार और सहारा हर जीव को चाहिए चाहे वह इंसान हो या जानवर। पंच की मासूमियत और उसके सॉफ्ट टॉय से लगाव ने लोगों के दिलों में खास जगह बना ली है।
फिलहाल यह साफ नहीं है कि जू प्रशासन इस ऑफर पर कोई प्रतिक्रिया देगा या नहीं। आमतौर पर चिड़ियाघर के जानवरों को इस तरह बेचा नहीं जाता।
पंच अब सिर्फ एक जू का जानवर नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए उम्मीद और सहारे का प्रतीक बन गया है, जो कभी खुद को अकेला महसूस करते हैं।