गुजरात के राजकोट में रविवार को नगर निगम ने अवैध कब्जे हटाने का बड़ा अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई में शहर की 1,489 अवैध इमारतों को गिराया जाएगा। यह अभियान डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी के निर्देश पर शुरू किया गया है। इसके बाद राजकोट नगर निगम (RMC) ने जंगलेश्वर इलाके में कार्रवाई तेज कर दी।
नगर निगम के म्युनिसिपल कमिश्नर तुषार सुमेरा ने बताया कि पुलिस की मदद से जंगलेश्वर इलाके में अजी नदी के किनारे और म्युनिसिपल टाउन प्लानिंग रोड पर बनी अवैध संपत्तियों को हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शनिवार से ही लोगों को घर खाली करने की सूचना दी जा रही थी।
अभियान को शांतिपूर्वक पूरा करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भक्तिनगर सर्कल के पास सेठ हाई स्कूल में 1,200 से ज्यादा निगम अधिकारी और पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, कई लोग शांति से घर खाली कर रहे हैं और उन्हें अपना सामान ले जाने की अनुमति दी गई है। मौके पर एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से पूरी कार्रवाई पर नजर रखी जा रही है।
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इस कार्रवाई से इलाके में लंबे समय से रह रहे लोगों में नाराजगी है। जंगलेश्वर गली नंबर तीन के रहने वाले हारुनभाई सुमरा ने बताया कि वे 43 साल से यहां रह रहे हैं। वे और उनकी बहन दिव्यांग हैं और मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं। उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ दो दिन पहले घर गिराने की सूचना दी गई, और अब रहने के लिए कोई जगह नहीं बची।
एक अन्य निवासी हालिनबेन ने बताया कि उनका परिवार 50 साल से इस इलाके में रह रहा है। आठ लोगों के परिवार को किराए पर घर मिलना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि मजबूरी में उन्हें सड़क पर रहने की तैयारी करनी पड़ रही है।
यह अभियान नियमों के तहत चलाया जा रहा है, लेकिन इससे प्रभावित परिवारों की चिंता और दर्द साफ नजर आ रहा है।