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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाद क्या अब ‘बाब अल-मंडेब’ होगा बंद ?यहूदियों ने दी बड़ी धमकी, तेल- गैस पर फिर आएगी शामत!

यहूदियों ने दी बड़ी धमकी, तेल- गैस पर फिर आएगी शामत!
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। खाड़ी क्षेत्र में पहले से ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव बड़ी चिंता का विषय बना है। इसी बीच अब यमन के हूती विद्रोहियों ने एक और अहम समुद्री रास्ते बाब अल-मंडेब को ब्लॉक करने की धमकी दे दी है।

    हूती विद्रोहियों ने दी हस्तक्षेप की चेतावनी

    यमन में सक्रिय ईरान समर्थित  ने युद्ध के तीसरे सप्ताह में अपनी प्रतिक्रिया दी है। संगठन के नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने कहा कि उनकी सेना पूरी तरह तैयार हैं और “ट्रिगर पर उंगली” रखे हुए हैं। उनका कहना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो वे सीधे संघर्ष में हस्तक्षेप कर सकते हैं।

    विशेषज्ञों के मुताबिक, यह ईरान की संभावित तीन-स्तरीय रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पहले चरण में होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावित करना, दूसरे चरण में लेबनान और गाजा के मोर्चों से इजरायल पर दबाव बनाना और तीसरे चरण में हूती विद्रोहियों के जरिए बाब अल-मंडेब को बंद करना शामिल है।

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    क्यों अहम है बाब अल-मंडेब

    बाब अल-मंडेब का अर्थ “आंसुओं का द्वार” माना जाता है। यह जलडमरूमध्य यमन को अफ्रीका के देशों जिबूती और इरिट्रिया से अलग करता है और लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है। इसके जरिए एशिया और यूरोप के बीच होने वाले व्यापार के लिए जहाजों को इसी लगभग 29 किलोमीटर चौड़े रास्ते से गुजरना पड़ता है। इसलिए यह वैश्विक समुद्री व्यापार का बेहद अहम मार्ग माना जाता है।

    बंद होने पर वैश्विक संकट पर आएगी आंच

    अगर बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य बंद होता है, तो जहाजों को अफ्रीका के दक्षिणी सिरे कैप ऑफ गुड होप से लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। इससे यात्रा में करीब 10 से 15 दिन की देरी और भारी अतिरिक्त खर्च बढ़ जाएगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि होर्मुज और बाब अल-मंडेब दोनों रास्ते एक साथ बाधित हो जाते हैं, तो यह वैश्विक व्यापार के लिए बड़ी आपदा साबित हो सकता है।

    दुनिया का बड़ा तेल व्यापार इसी रास्ते से गुजरता है

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन समुद्री मार्गों से दुनिया के करीब 30 प्रतिशत समुद्री तेल का परिवहन होता है। अकेले बाब अल-मंडेब से हर दिन लगभग 8.8 मिलियन बैरल तेल गुजरता है।

    अगर यह रास्ता बाधित होता है, तो कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं, जो पहले ही 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा एशिया से यूरोप जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और अनाज की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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