लखनऊ। सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को फिर 7-7 साल की सजा हुई है। यह फैसला रामपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट ने सोमवार को फर्जी पैन कार्ड मामले में सुनाई है। जिसमें दोनों को दोषी करार दिया। थोड़ी देर बाद सजा सुना दी। साथ ही कोर्ट ने दोनों पर 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
आजम खान इस साल 23 सितंबर यानी 2 महीने पहले ही सीतापुर जेल से रिहा हुए थे। दूसरी ओर उनके बेटे अब्दुल्ला 9 महीने पहले हरदोई जेल से छुटे थे। लेकिन अब दोनों एक बार फिर से जेल जाएंगे। लेकिन इस फैसले के बाद बाप-बेटों की मुश्किल एक बार से बढ़ गई है।
वहीं आजम खान की विधायकी जाने के बाद रामपुर शहर सीट पर 5 दिसंबर 2022 को उपचुनाव कराए गए थे। 7 दिसंबर को रिजल्ट घोषित हुआ, इसमें भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना ने आजम के करीबी आसिम रजा को 25,703 वोटों से हरा दिया।
बता दें बहुचर्चित फर्जी पैन कार्ड का मामला साल 2019 का है। रामपुर से भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। दरअसल आरोप लगाया था कि आजम ने बेटे अब्दुल्ला को इलेक्शन में खड़ा करने के लिए दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्रों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए थे। जबकि असली जन्म तिथि यानी 1 जनवरी 1993 के मुताबिक, अब्दुल्ला 2017 में चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थे। उस समय उनकी उम्र 25 साल नहीं हुई थी। इसलिए आजम ने दूसरा पैन कार्ड बनवाया, जिसमें उन्होंने जन्म का साल 1990 दिखाया था।
'मैं इसे सत्य की जीत मानता हूं, आजम पर जितने मामले चल रहे हैं, सारे पेपर एविडेंस के आधार पर हैं। कोई ऐसा केस नहीं है, जिसमें उनके खिलाफ सबूत न हों। इसलिए कोर्ट ने उन्हें सजा सुनाई। जो गलत किया है, उसकी सजा मिलेगी ही।'