Manisha Dhanwani
1 Feb 2026
Shivani Gupta
1 Feb 2026
Garima Vishwakarma
1 Feb 2026
नई दिल्ली। भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राजधानी दिल्ली स्थित 'सदैव अटल' स्मारक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य प्रमुख नेताओं ने पुष्प अर्पित कर वाजपेयी को नमन किया। इस अवसर पर देश ने एक सशक्त, समावेशी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में वाजपेयी जी के योगदान को याद किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,
“अटल जी को उनकी पुण्यतिथि पर शत-शत नमन। भारत की सर्वांगीण प्रगति के प्रति उनका समर्पण और सेवाभाव सभी को एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा।”
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सदैव अटल’ स्मारक पर जाकर वाजपेयी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और कुछ पल मौन रहकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके साथ भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अटल जी के राष्ट्रीय एकता, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति योगदान को याद किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वाजपेयी जी को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास की एक अमिट छवि बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी ने अपने विचारों, नेतृत्व और कार्यों से एक सशक्त और समृद्ध भारत के लिए जो प्रयास किए, उन्हें राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।
वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में कई केंद्रीय मंत्री और राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू, गजेंद्र सिंह शेखावत, जदयू सांसद संजय झा, और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी 'सदैव अटल' स्मारक पर पहुंची और पुष्प अर्पित किए।
अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के एक ऐसे स्तंभ थे जिनकी स्वीकार्यता दलों की सीमाओं से परे थी। उनका जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ था। वे तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बने, पहली बार 1996 में बहुत कम समय के लिए, फिर 1998 में और तीसरी बार 1999 से 2004 तक। वह देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया।
वाजपेयी जी दशकों तक भाजपा का चेहरा बने रहे और उन्होंने देश को पोखरण परमाणु परीक्षण, सड़क विकास परियोजनाएं (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना), सार्क शिखर वार्ता, और लाहौर बस सेवा जैसी कई ऐतिहासिक पहलें दीं।
अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 16 अगस्त, 2018 को एम्स, दिल्ली में हुआ था। उनके निधन से देश ने एक सच्चे राजनेता, ओजस्वी वक्ता, कवि और दूरदर्शी नेता को खो दिया। उनके सम्मान में दिल्ली में ‘सदैव अटल’ नामक स्मारक का निर्माण किया गया है, जो आज उन्हें श्रद्धांजलि देने का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
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