सिवनी मालवा में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की यात्रा के दौरान शुक्रवार शाम आयोजित जनसभा में आजाद समाज पार्टी (ASP) के नेता दामोदर यादव के बयान से एक विवाद खड़ा हो गया है। उनके द्वारा भगवान परशुराम और बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर की गई टिप्पणियों के बाद क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण हो गया है जिसके बाद कई संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
सभा को संबोधित करते हुए दामोदर यादव ने भगवान परशुराम को लेकर कहा कि वे उन्हें नहीं जानते और न ही उन्होंने उनके बारे में कभी पढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि वे काल्पनिक चीजों में विश्वास नहीं रखते। उनके इस बयान को कई लोगों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया है।
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यादव ने अपने भाषण में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि छतरपुर का एक युवक पर्चियां निकालकर लोगों को भ्रमित कर रहा है और हिंदू राष्ट्र की बात कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बाबा साहब आंबेडकर द्वारा बनाया गया संविधान भारत को पंथनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित करता है और वे देश को हिंदू राष्ट्र बनने नहीं देंगे।
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इन बयानों के बाद सर्व ब्राह्मण समाज और करणी सेना सहित कई संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। संगठनों ने दामोदर यादव से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
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सर्व ब्राह्मण समाज के कार्यकारी जिलाध्यक्ष विकास पाठक ने कहा कि किसी भी धर्म के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करना गलत है और समाज की ओर से दामोदर यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वहीं करणी सेना के लालू भाटी ने भी बयान का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज और भगवान परशुराम के खिलाफ की गई टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।