PlayBreaking News

‘अभी न जाओ छोड़ कर…’ गूंजा आखिरी सलाम!पंचतत्व में विलीन हुईं आशा भोसले, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

मुंबई में आज भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा है, जहां दिग्गज गायिका आशा भोसले को अंतिम विदाई दी जा रही है। आशा भोसले का पार्थिव शरीर उनके घर से शिवाजी पार्क श्मशान घाट के लिए ले जाया गया। शाम 4 बजे होगा अंतिम संस्कार।
Follow on Google News
पंचतत्व में विलीन हुईं आशा भोसले, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    Live Updates

    सुरों की मल्लिका आशा भोसले के निधन के बाद पूरा देश शोक में डूब गया है। 92 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली, जिसके बाद सोमवार सुबह से उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए फिल्मी जगत और राजनीतिक क्षेत्र से लगातार हस्तियों का पहुंचना जारी रहा। 
    आज जब आशा ताई अपनी अंतिम यात्रा पर निकलीं, तो उनका मोक्ष रथ सफेद और पीले फूलों से सुसज्जित था मानो सुरों की एक पूरी दुनिया उन्हें विदा कर रही हो।

    मुंबई की सड़कों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और हर आंख नम दिखाई दी। शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, जहां वे पंचतत्व में विलीन हो गईं। यह क्षण सिर्फ एक विदाई नहीं, बल्कि भारतीय संगीत इतिहास के एक सुनहरे अध्याय के समापन जैसा रहा, जिसे आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी।

    उनके निधन की खबर ने पूरे देश को गहरे शोक में डुबो दिया है। संगीत प्रेमियों से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक, हर जगह एक खालीपन महसूस किया जा रहा है।

    /img/99/1776067792938
    /img/10/1775981215854

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, 11 अप्रैल की शाम उन्हें गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था। उन्हें तुरंत इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके बेटे आनंद भोसले ने इस दुखद खबर की पुष्टि की। परिवार ने बताया कि यह समय उनके लिए बेहद कठिन और भावनात्मक है।

    यह भी पढ़ें: आशा भोसले के निधन पर PM मोदी भावुक, बोले- उनके गीत हमेशा गूंजते रहेंगे; अमित शाह, योगी आदित्यनाथ और कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

    /img/119/1775987721585

    आशा भोसले सिर्फ एक नाम नहीं थीं, बल्कि भारतीय संगीत की एक पूरी परंपरा थीं। उन्होंने लगभग 20 भाषाओं में 12,000 से अधिक गीत गाए। उनकी आवाज हर दौर में, हर पीढ़ी में गूंजती रही। अपने लंबे करियर में उन्हें कई बड़े सम्मान मिले, जिनमें पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार शामिल हैं। उनकी पहचान सिर्फ एक प्लेबैक सिंगर तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे भारतीय फिल्म संगीत की एक मजबूत नींव बन गईं।

    यह भी पढ़ें: नहीं रहीं सुरों की मल्लिका... आशा भोसले का 92 की उम्र में निधन, बेटे ने बताया कब होगा अंतिम संस्कार

    /img/99/1776060523546

    आशा भोसले का जाना केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं है, बल्कि भारतीय संगीत के एक सुनहरे युग का अंत है। उनकी आवाज अब भी फिल्मों, रेडियो और दिलों में जीवित रहेगी। वे चली गईं, लेकिन उनके गाने, उनकी शैली और उनका जादू हमेशा लोगों के साथ रहेगा।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts