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अर्चना तिवारी मिसिंग केस में बड़ा अपडेट, 13 दिन बाद मां को किया कॉल, ग्वालियर के कॉन्स्टेबल का कनेक्शन आया सामने

अर्चना तिवारी मिसिंग केस में बड़ा अपडेट, 13 दिन बाद मां को किया कॉल, ग्वालियर के कॉन्स्टेबल का कनेक्शन आया सामने
कटनी की लापता अर्चना तिवारी।
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल/कटनी।  इंदौर से कटनी आते समय नर्मदा एक्सप्रेस से रहस्यमय तरीके से लापता कटनी के मंगलनगर निवासी अर्चना तिवारी के ग्वालियर में मिलने की सूचना आई है, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह ग्वालियर में कहां से मिली है। उनके परिजन कटनी से ग्वालियर के लिए रवाना हो गए हैं। जबकि जीआरपी की एक टीम पहले ही ग्वालियर रवाना हो चुकी थी।

    परिवार ने किया दावा, सकुशल है अर्चना

    लापता होने के 13वें दिन परिवार ने चौंकाने वाला दावा किया है। परिजनों के मुताबिक, अर्चना ने परिवार से फोन पर बातचीत की, यहां तक कि उसने अपनी मां से भी बात की। 

    अर्चना तिवारी के मुंहबोले भाई अंशुल मिश्रा ने दावा किया है कि उनकी अर्चना से फोन पर बात हो गई है। अंशुल मिश्रा ने कहा कि अर्चना सकुशल है और वह उसे लेने के लिए ग्वालियर रवाना हो चुके हैं। हालांकि, पुलिस को अब तक अर्चना तिवारी का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।

    ग्वालियर के कॉन्स्टेबल से जुड़ा केस

    इस मामले में पुलिस को अहम सुराग मिला है। जानकारी के अनुसार, ग्वालियर जिले के भंवरपुरा थाने में तैनात कॉन्स्टेबल राम तोमर ने अर्चना का इंदौर से ग्वालियर तक का ट्रेन टिकट बुक कराया था। इस आधार पर जीआरपी ने राम तोमर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पूछताछ में उसने टिकट बुकिंग की बात स्वीकार की, लेकिन दावा किया कि अर्चना ने यह टिकट इस्तेमाल ही नहीं किया।
    पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि टिकट बुक करने से पहले अर्चना और कॉन्स्टेबल राम तोमर के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। 

    Twitter Post

    अर्चना तिवारी केस में संदिग्ध आरक्षक राम सिंह तोमर का कहना है कि वह अर्चना से कभी आमने-सामने नहीं मिले। उनकी अर्चना से बातचीत सिर्फ फोन पर हुई थी, वह भी अपने दोस्त विक्रम राजावत के जरिए। राम तोमर ने दावा किया – “मैंने केवल उसका टिकट कराया था, लेकिन अर्चना कहां है, मुझे नहीं पता। मुझे इस मामले में फंसाया जा रहा है, मैं बेकसूर हूं।”

    भोपाल तक ट्रेन में दिखी थी अर्चना

    7 अगस्त को अर्चना तिवारी इंदौर से नर्मदा एक्सप्रेस में सवार हुई थीं। परिवार से आखिरी बार उसकी बातचीत भोपाल तक हुई थी। भोपाल तक वह अपनी सीट पर ही मौजूद थी। लेकिन, नर्मदापुरम के पास नर्मदा नदी पुल से पहले उसका मोबाइल अचानक बंद हो गया। कटनी पहुंचने से पहले ही वह ट्रेन से रहस्यमय तरीके से गायब हो गई।

    सीट पर मिला सिर्फ बैग

    परिजनों ने जब उससे संपर्क नहीं हो पाया तो नर्मदा एक्सप्रेस के उमरिया पहुंचने पर उसकी सीट की जांच की गई। वहां अर्चना का बैग मिला, लेकिन वह खुद मौजूद नहीं थी। इसके बाद पुलिस और परिजनों ने खोजबीन तेज कर दी।

    अर्चना की तलाश में अब तक मध्य प्रदेश पुलिस, जीआरपी और एसडीआरएफ की टीमें भोपाल, इटारसी, जबलपुर और कटनी में तलाशी अभियान चला चुकी हैं। इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका था।
     

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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