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अनूपपुर में खेल आयोजन की राशि में वित्तीय गड़बड़ी, 18.46 लाख के बिल-वाउचर नहीं मिले; जिला क्रीड़ा प्रभारी हटाए गए

अनूपपुर में खेल आयोजनों के लिए मिली सरकारी राशि में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। 18.46 लाख रुपये के बिल-वाउचर नहीं मिलने पर जिला क्रीड़ा प्रभारी शेख खलील कुरैशी को हटाया गया।
अनूपपुर में खेल आयोजन की राशि में वित्तीय गड़बड़ी, 18.46 लाख के बिल-वाउचर नहीं मिले; जिला क्रीड़ा प्रभारी हटाए गए

अनूपपुर। जनजातीय कार्य विभाग के तहत खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए जारी शासकीय राशि के हिसाब-किताब में बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आई है। खेल आयोजनों के लिए मिली अग्रिम राशि में से 18 लाख 46 हजार 467 रुपये के बिल-वाउचर और समायोजन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कार्यालय ने जिला क्रीड़ा प्रभारी शेख खलील कुरैशी को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। कुरैशी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अमलाई कालरी में व्यायाम शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें 2 नवंबर 2020 को जिला क्रीड़ा प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई थी। वर्ष 2021 से 2025 के बीच जिले की अलग-अलग शैक्षणिक संस्थाओं में खेल प्रतियोगिताओं और आयोजनों के लिए क्रीड़ा मद से उन्हें कुल 28 लाख 76 हजार रुपये की अग्रिम राशि उपलब्ध कराई गई थी।

नोटिस के बाद भी प्रस्तुत नहीं किया हिसाब

खेल आयोजन पूरे होने के बाद विभाग ने अग्रिम राशि के उपयोग का हिसाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए 27 जनवरी 2024 और 5 मार्च 2025 को कुरैशी को नोटिस जारी किए गए। नोटिस के जरिए बिल-वाउचर और समायोजन पत्रक जमा करने के लिए कहा गया, लेकिन निर्धारित राशि का पूरा हिसाब विभाग के सामने पेश नहीं किया गया। लगातार दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के बाद मामले की जांच कराने का निर्णय लिया गया। इसके तहत 19 मई 2026 को जांच समिति का गठन किया गया।

जांच में 10.29 लाख के ही वाउचर मिले

जांच समिति की पड़ताल में सामने आया कि जिला क्रीड़ा प्रभारी की ओर से केवल 10 लाख 29 हजार 533 रुपये की राशि के बिल-वाउचर प्रस्तुत किए गए हैं। इसके मुकाबले कुल 28 लाख 76 हजार रुपये की अग्रिम राशि जारी की गई थी। इस तरह 18 लाख 46 हजार 467 रुपये की राशि का कोई बिल-वाउचर या अन्य संतोषजनक लेखा-जोखा जांच समिति के सामने प्रस्तुत नहीं किया गया। इतनी बड़ी राशि के संबंध में दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने को जांच में गंभीर वित्तीय लापरवाही के तौर पर देखा गया।

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आरटीआई की जानकारी भी नहीं की उपलब्ध

मामले में केवल अग्रिम राशि के हिसाब को लेकर ही सवाल नहीं उठे बल्कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराने में भी लापरवाही सामने आई। बताया गया कि वरिष्ठ कार्यालय की ओर से निर्देश दिए जाने के बावजूद आरटीआई के तहत मांगी गई प्रमाणित जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई गईं। जांच समिति ने इन परिस्थितियों को भी मामले का हिस्सा माना।

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पद से हटाने के साथ वैधानिक कार्रवाई शुरू

जांच में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं और विभागीय निर्देशों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए शेख खलील कुरैशी को जिला क्रीड़ा प्रभारी के दायित्व से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है। विभाग ने मामले में आगे की वैधानिक और विभागीय प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अब उपलब्ध दस्तावेजों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। खेल प्रतियोगिताओं के लिए जारी सरकारी राशि के उपयोग का पूरा हिसाब प्रस्तुत नहीं किए जाने से विभाग की वित्तीय व्यवस्था और निगरानी प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हुए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि लंबित राशि की वसूली और जिम्मेदारी तय करने को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।

Sanjay Tiwari
By Sanjay Tiwari

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