अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर तेज रफ्तार कार डीजल से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि, कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही कार चालक और एक महिला की मौत हो गई। वहीं कार में सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, कार में सवार लोग इलाज के सिलसिले में शहडोल गए थे और वहां से वापस राजनगर की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान कोतमा के पास निगवानी तिराहा और राजेंद्र फिलिंग स्टेशन के पास सामने चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से कार की जोरदार टक्कर हो गई। हादसा गुरुवार रात करीब 8:30 बजे कोतमा थाना क्षेत्र में हुआ। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ देर के लिए हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रैक्टर-ट्रॉली में चार ड्रम डीजल भरा हुआ था और वह हाईवे पर आगे चल रही थी। पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली में टक्कर मार दी।
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हादसा इतना भीषण था कि, टक्कर के बाद कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया और कई हिस्से सड़क पर बिखर गए। टक्कर लगते ही ट्रैक्टर-ट्रॉली भी अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खेत में जा घुसी। दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
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इस हादसे में कार चालक प्यारे शर्मा (45) और गीता पनिका (44) की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों के सिर और सीने में गंभीर चोटें आई थीं। बताया जा रहा है कि, टक्कर के बाद गीता पनिका के सिर में गहरी चोट लगी और अधिक खून बहने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार चला रहे प्यारे शर्मा स्टीयरिंग में बुरी तरह फंस गए थे और गंभीर चोटों के कारण उन्होंने भी घटनास्थल पर दम तोड़ दिया।
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कार में सवार अन्य दो लोग हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में मीना देवांगन (33) और हरिशंकर चतुर्वेदी (62) शामिल हैं, जो छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल अनूपपुर के लिए रेफर कर दिया गया।
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दुर्घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे की वजह से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस को सूचना मिलने के करीब 10 मिनट के भीतर पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया और यातायात को सुचारू कराया।
कोतमा पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। वहीं दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है। ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरे डीजल के ड्रम भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और सामने चल रहे वाहन से दूरी न बना पाना माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय ट्रैक्टर-ट्रॉली की लाइट या रिफ्लेक्टर सही स्थिति में थे या नहीं।