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अंडमान सागर में 5.1 तीव्रता का भूकंप! जोर से हिली धरती, प्रशासन ने किया अलर्ट

Andaman Earthquake: अंडमान सागर में गुरुवार को 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। दोपहर 3:19 बजे उत्तरी और मध्य अंडमान के कुछ इलाकों में झटके महसूस हुए। भूकंप का केंद्र बैम्बू फ्लैट से 218 किलोमीटर दूर और 10 किलोमीटर गहराई पर था। प्रशासन ने पर्यटकों और मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी। जानिए पूरी खबर और ताजा जानकारी।
अंडमान सागर में 5.1 तीव्रता का भूकंप! जोर से हिली धरती, प्रशासन ने किया अलर्ट
अंडमान में भूकंप के झटकों से हड़कंप! 218 KM दूर था केंद्र, पर्यटकों और मछुआरों को किया अलर्ट

Andaman Nicobar Earthquake: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में गुरुवार (29 अक्टूबर 2026) को भूकंप के झटके महसूस किए गए। दोपहर करीब 3:19 बजे अचानक धरती हिलने से इलाके में हलचल मच गई। अंडमान सागर में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.1 मापी गई। राहत की बात यह है कि अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। हालांकि, प्रशासन ने सावधानी बरतते हुए पर्यटकों और मछुआरों को फिलहाल समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। साथ ही संबंधित एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है।

कहां था भूकंप का केंद्र?

अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप का केंद्र अंडमान सागर में बैम्बू फ्लैट इलाके से करीब 218 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में था। भूकंप जमीन की सतह से करीब 10 किलोमीटर नीचे आया। इतनी कम गहराई पर आने वाले भूकंप के झटके आसपास के इलाकों में महसूस हो सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी और मध्य अंडमान के कुछ हिस्सों से हल्के झटके महसूस होने की जानकारी मिली है। फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

पर्यटकों और मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन तुरंत सतर्क हो गया। एहतियात के तौर पर पर्यटकों और मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही आपदा से निपटने के लिए तय सुरक्षा नियमों को लागू किया गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटना है।

भूकंप के बाद प्रशासन ने क्या कहा?

एक अधिकारी ने बताया कि भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर थी। इसके बाद सभी जरूरी विभागों को सतर्क कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि भूकंप से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अलग-अलग टीमें स्थिति की निगरानी कर रही हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, अंडमान और निकोबार में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए समय-समय पर मॉक ड्रिल भी की जाती है। इन अभ्यासों का मकसद आपात स्थिति में बचाव दल और प्रशासन की तैयारियों को मजबूत करना है।

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क्या भूकंप से कोई नुकसान हुआ?

राहत की बात यह है कि अब तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। अधिकारियों के अनुसार, भूकंप का केंद्र समुद्र में तट से काफी दूर था। उत्तरी और मध्य अंडमान के कुछ इलाकों में हल्के झटके जरूर महसूस किए गए, लेकिन किसी बड़ी घटना की खबर नहीं है। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

लगातार निगरानी कर रही हैं टीमें

भूकंप के बाद संबंधित टीमें इलाके की भूकंपीय गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समुद्र में जाने से बचने की सलाह जारी है।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...

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