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भिंड में अवैध रेत उत्खनन पर प्रशासन सख्त, कलेक्टर-एसएसपी ने अटेर किले से चंबल के घाटों तक किया निरीक्षण

ऐतिहासिक धरोहर को पर्यटन के नक्शे पर लाने की तैयारी, चंबल तट पर बढ़ेगी निगरानी; कलेक्टर पवन जैन और एसएसपी सूरज कुमार वर्मा ने किया औचक निरीक्षण
अटेर किले का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर एवं एसपी भिंड

भिंड। ऐतिहासिक अटेर किले की पहचान को पर्यटन के नए मुकाम तक पहुंचाने और चंबल नदी में अवैध रेत उत्खनन पर शिकंजा कसने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने मोर्चा संभाला है। गुरुवार को कलेक्टर पवन जैन और एसएसपी सूरज कुमार वर्मा ने अटेर किले से लेकर चंबल नदी के तटीय क्षेत्रों और घाटों तक पहुंचकर व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने एक ओर ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और पर्यटन विकास की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया, वहीं दूसरी ओर अवैध उत्खनन और रेत परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

अटेर किले को मिलेगी पर्यटन की नई पहचान

निरीक्षण की शुरुआत ऐतिहासिक अटेर किले से हुई। कलेक्टर और एसएसपी ने किले की स्थापत्य कला, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। कलेक्टर पवन जैन ने अटेर किले को क्षेत्र की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए यहां पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाओं पर जोर दिया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पुरातत्व विभाग और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से ऐसी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे किले के संरक्षण के साथ पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा सके। बेहतर व्यवस्थाओं और योजनाबद्ध प्रयासों के जरिए अटेर की ऐतिहासिक पहचान को व्यापक स्तर पर स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।

 चंबल में अवैध उत्खनन करने वालों पर कसेगा शिकंजा

अटेर किले के बाद अधिकारियों ने चंबल नदी के तटीय क्षेत्रों और घाटों का निरीक्षण किया। यहां रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर नियंत्रण को लेकर राजस्व तथा पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। संवेदनशील रास्तों पर गश्त बढ़ाने, चेक पोस्ट सक्रिय रखने और अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

साथ ही निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया गया। चंबल नदी का तटीय क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ऐसे में अवैध उत्खनन पर नियंत्रण के लिए नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई को जरूरी माना जा रहा है।

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पुलिस, राजस्व और वन विभाग को समन्वय के निर्देश

संयुक्त निरीक्षण के दौरान एसडीएम अटेर डीसी सिंह, डिप्टी कलेक्टर सुश्री कविता, एसडीओपी अटेर रविंद्र वास्कले, थाना प्रभारी अटेर सहित पुलिस, वन और राजस्व विभाग का अमला मौजूद रहा।

वरिष्ठ अधिकारियों ने मैदानी अमले को कानून व्यवस्था मजबूत रखने, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा के लिए आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। पर्यटन विकास और अवैध उत्खनन की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसे धरातल पर लागू करने पर भी जोर दिया गया।

अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि पर्यटन विकास की योजनाएं कितनी तेजी से आगे बढ़ती हैं और चंबल तट पर अवैध उत्खनन रोकने के लिए प्रशासन की सख्ती कितनी प्रभावी साबित होती है।

Asgar Khan
By Asgar Khan

मैं पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूँ। 11 अगस्त 2014 से पीपुल्स समाचार, ग्वालि...

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