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Earthquake : मेघालय और लद्दाख के कारगिल में हिली धरती, घरों से बाहर निकले लोग, जानें कितनी रही तीव्रता

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Earthquake : मेघालय और लद्दाख के कारगिल में हिली धरती, घरों से बाहर निकले लोग, जानें कितनी रही तीव्रता
नई दिल्ली। भूकंप के तेज झटके से रविवार को मेघालय और लद्दाख की धरती हिली। भूकंप के तेज झटके से लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, किसी भी तरह के जानमाल की नुकसान की खबर नहीं है। भूकंप पहले मेघालय के पूर्वी गारो हिल्स में आया। इसके बाद लद्दाख के जिला कारगिल में भूकंप के झटके महसूस किए गए।

मेघालय में भूकंप के तेज झटके महसूस

मेघालय में रविवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, आज दोपहर 2:37 बजे मेघालय के पूर्वी गारो हिल्स में भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई। फिलहाल, इस भूकंप से अभी तक कोई नुकसान की सूचना नहीं है।

कारगिल में कांपी धरती

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के जिला कारगिल में रविवार को फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। कारगिल में रविवार दोपहर 2 बजकर 42 मिनट पर धरती कांपी। रिक्ट स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.8 मापी गई है। हालांकि, इस भूकंप से किसी तरह के जान माल के नुकसानी की सूचना नहीं है। इससे पहले लद्दाख में 3 जनवरी को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।

आखिर क्यों आते हैं भूकंप ?

भूकंप आने के पीछे की वजह पृथ्वी के भीतर मौजूद प्लेटों का आपस में टकराना है। हमारी पृथ्वी के अंदर सात प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती हैं। जब ये आपस में टकराती हैं, तब फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है। जिसकी वजह से सतह के कोने मुड़ जाते हैं और वहां दबाव बनने लगता है। ऐसी स्थिति में प्लेट के टूटने के बाद ऊर्जा पैदा होती है, जो बाहर निकलने के लिए रास्ता ढूंढती है। जिसकी वजह से धरती हिलने लगती है।

कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र (एपीसेंटर) से मापा जाता है। भूकंप को लेकर चार अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग के अनुसार इसमें जोन-5 से जोन-2 तक शामिल है। जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है और इसी तरह जोन दो सबसे कम संवेदनशील माना जाता है।

किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक है

• 0 से 1.9 तीव्रता का भूकंप काफी कमजोर होता है। सीज्मोग्राफ से ही इसका पता चलता है। • वहीं 2 से 2.9 तीव्रता का भूकंप रिक्टर स्केल पर हल्का कंपन करता है। • 3 से 3.9 तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर गया हो। • 4 से 4.9 तीव्रता का भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। साथ ही दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं। • 5 से 5.9 तीव्रता का भूकंप आने पर घर का फर्नीचर हिल सकता है। • 6 से 6.9 तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है। • 7 से 7.9 तीव्रता का भूकंप खतरनाक होता है। इससे बिल्डिंग गिर जाती हैं और जमीन में पाइप फट जाती है। • 8 से 8.9 तीव्रता का भूकंप काफी खतरनाक होता है। जापान, चीन समेत कई देशों में 8.8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप ने खूब तबाही मचाई थी। • 9 और उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने पर पूरी तबाही होती है। इमारतें गिर जाती है। पेड़ पौधे, समुद्रों के नजदीक सुनामी आ जाती है। ये भी पढ़ें- Earthquake in Gujarat : गुजरात के कच्छ में महसूस हुए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.1 तीव्रता मापी गई
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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