अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौता तय! ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान, होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने का रास्ता साफ

तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक सफलता सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौता अंतिम रूप ले चुका है। इस घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों और मध्य पूर्व की राजनीतिक स्थिति पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। खास बात यह है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से नाकेबंदी हटाने की बात भी कही गई है, जिससे तेल आपूर्ति सामान्य होने की संभावना बढ़ गई है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए दी जानकारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता पूरा हो चुका है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों को बधाई देते हुए यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खोला जाएगा। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तत्काल प्रभाव से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर पड़ रहे असर को कम किया जा सके।
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पाकिस्तान ने भी समझौते की पुष्टि की
अमेरिकी घोषणा से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया पर इस समझौते की जानकारी साझा की थी। उन्होंने दावा किया कि लंबी बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच सहमति बनी है। शहबाज शरीफ के अनुसार, इस समझौते में लेबनान से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया गया है और सभी पक्षों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई है। उन्होंने यह भी कहा कि 19 जून को स्विट्जरलैंड में समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
ईरान ने समझौते को बताया अपनी जीत
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इस समझौते को देश की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बातचीत के दौरान ईरान की कई प्रमुख मांगों को स्वीकार किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और समझौते का आधिकारिक दस्तावेज अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
समझौते में क्या शामिल होने की चर्चा?
ईरानी मीडिया में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने पर विचार किया गया है। इसके अलावा, ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों के एक हिस्से को जारी करने की बात भी सामने आई है। रिपोर्ट्स में युद्धविराम, दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की वापसी, ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई के लिए विशेष आर्थिक सहायता का भी जिक्र किया गया है। अमेरिका और ईरान की ओर से अभी तक समझौते के अंतिम मसौदे को सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में इन सभी दावों की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेज सामने आने के बाद ही हो सकेगी।











