जेवर एयरपोर्ट से शुरू हुई नई उड़ान!पहली कमर्शियल फ्लाइट के साथ खुला विकास का नया आसमान

जेवर। उत्तर प्रदेश को आज इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल फ्लाइट के सफल संचालन के साथ प्रदेश के विकास की नई कहानी शुरू हो गई है। लंबे समय से जिस एयरपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था, वह अब यात्रियों के लिए तैयार है। इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। एयरपोर्ट से शुरू हुई पहली उड़ान को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिला।
पहली कमर्शियल फ्लाइट की सफल लैंडिंग
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार सुबह पहली कमर्शियल फ्लाइट ने सफलतापूर्वक लैंडिंग की। इंडिगो एयरलाइंस की यह उड़ान लखनऊ से रवाना होकर तय समय पर जेवर पहुंची। एयरपोर्ट पर इस ऐतिहासिक पल का स्वागत विशेष कार्यक्रम के साथ किया गया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इसे उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उड़ान सेवा शुरू होने के साथ ही एयरपोर्ट अब देश के प्रमुख हवाई केंद्रों में अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराने की तैयारी पहले से ही पूरी कर ली गई थी।
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किसानों को दिया गया खास सम्मान
एयरपोर्ट के उद्घाटन अवसर पर उन किसानों को विशेष सम्मान दिया गया जिन्होंने इस परियोजना के लिए अपनी जमीन उपलब्ध कराई थी। करीब 170 किसानों को विशेष विमान से लखनऊ ले जाया गया। वहां उनकी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराई गई। सरकार का कहना है कि एयरपोर्ट निर्माण में किसानों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। इसलिए उद्घाटन समारोह में उन्हें विशेष स्थान दिया गया।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मिलेगा बड़ा फायदा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। अब यात्रियों को लंबी दूरी तय करके दूसरे एयरपोर्ट तक पहुंचने की जरूरत कम होगी। एयरपोर्ट के संचालन से पर्यटन, व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसरों में तेजी आएगी। साथ ही क्षेत्र में निवेश को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।
भारतीय संस्कृति और आधुनिक सुविधा
एयरपोर्ट की डिजाइन में आधुनिक तकनीक के साथ भारतीय संस्कृति को भी खास जगह दी गई है। टर्मिनल भवन के अंदर उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलती है। यात्रियों को यहां वाराणसी के घाटों और प्रदेश की ऐतिहासिक पहचान से जुड़े डिजाइन दिखाई देंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है।
चेहरा बनेगा पहचान, सफर होगा आसान
एयरपोर्ट पर डिजी यात्रा जैसी आधुनिक तकनीक लागू की गई है। इसके जरिए यात्रियों को बार बार दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनका चेहरा ही पहचान और बोर्डिंग पास के रूप में काम करेगा। इसके अलावा हाई-टेक बैगेज सिस्टम, आधुनिक लिफ्ट, एस्केलेटर और अन्य विश्वस्तरीय सुविधाएं यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करेंगी।
सुरक्षा और पर्यावरण पर भी विशेष ध्यान
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सुरक्षा के लिहाज से भी आधुनिक बनाया गया है। यहां CISF, उत्तर प्रदेश पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई है। एयरपोर्ट परिसर की निगरानी के लिए उन्नत कैमरे और आधुनिक सुरक्षा प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है। एयरपोर्ट की बिजली जरूरतों का बड़ा हिस्सा सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरा करने की योजना बनाई गई है।











