अंबिकापुर के अमेरा कोयला खदान के एक्सटेंशन को लेकर ग्रामीण और पुलिस आमने-सामने आ गए। खदान के विस्तार का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया और पुलिस पर पथराव कर दिया। ग्रामीण लाठी-डंडों, गुलेल और कुल्हाड़ियों से लैस थे।
ग्रामीणों के हमले में 40 पुलिसकर्मी घायल हुए। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इससे कई ग्रामीण भी घायल हुए। फिलहाल खदान के आसपास माहौल तनावपूर्ण है।
तनाव देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर अतिरिक्त फोर्स भेजा है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं। अमेरी कोल माइंस एक्सटेंशन के खिलाफ ग्रामीण कई महीनों से आंदोलन कर रहे हैं।
सरगुजा के अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक ने बताया कि परसोड़ी कला गांव के लोग SECL अमेरा खदान में इकट्ठा हुए और कहा कि वे आगे माइनिंग नहीं होने देंगे। जमीन का सर्वे 2016 में पूरा हो चुका था और कई ग्रामीणों को मुआवजा भी मिल चुका है। इसके बावजूद कुछ ग्रामीण मुआवजा लेने से इनकार कर रहे हैं और माइनिंग रोकने की कोशिश कर रहे हैं। पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
2016 में भूमि अधिग्रहण के बाद ग्रामीणों को मुआवजा दिया गया था। लेकिन अब कई ग्रामीण अपनी जमीन देने से इनकार कर रहे हैं, जिसकी वजह से विवाद फिर से बढ़ गया है।