अमरनाथ यात्रा 2026:भारी सुरक्षा के बीच रवाना हुआ तीसरा जत्था, करीब 4,812 श्रद्धालु शामिल

जम्मू कश्मीर। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच अमरनाथ यात्रा 2026 का तीसरा जत्था शनिवार तड़के जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास से रवाना हुआ। सुबह का शांत माहौल था, लेकिन वहां मौजूद श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था और उत्साह साफ झलक रहा था। यह जत्था भगवान शिव के पवित्र हिमलिंग के दर्शन के लिए दक्षिण कश्मीर की ओर निकला।
इस बार यात्रा को लेकर प्रशासन ने पहले से ही कड़ी सुरक्षा और बेहतर व्यवस्थाएं की हैं, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से पूरी हो सके।
कुल 4,812 श्रद्धालु हुए शामिल
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस तीसरे जत्थे में कुल 4,812 श्रद्धालु शामिल हुए। ये सभी 259 वाहनों के बड़े काफिले में रवाना किए गए। जिसमें 95 बसें, 47 मध्यम मोटर वाहन (MMV), 116 हल्के मोटर वाहन (LMV) औरल 1 दोपहिया वाहन शामिल है। यह पूरा काफिला सुरक्षा बलों की निगरानी में आगे बढ़ा, जिसमें हर वाहन की जांच और ट्रैकिंग की व्यवस्था की गई थी।
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बालटाल और पहलगाम मार्ग से यात्रा
श्रद्धालुओं को दो प्रमुख मार्ग बालटाल मार्ग से 2,041 श्रद्धालु को पवित्र गुफा तक भेजा गया। यह मार्ग छोटा लेकिन अधिक कठिन माना जाता है। तेज चढ़ाई और कम दूरी के कारण फिट लोगों के लिए उपयुक्त। तो वहीं पहलगाम मार्ग से 2,771 श्रद्धालु रवाना हुए। यह मार्ग लंबा लेकिन अपेक्षाकृत आसान माना जाता है। रास्ते में प्राकृतिक सुंदरता अधिक देखने को मिलती है। दोनों मार्गों से श्रद्धालु धीरे-धीरे अमरनाथ गुफा की ओर बढ़ रहे हैं, जहां हिम शिवलिंग के दर्शन होते हैं।
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अलग-अलग समय पर रवाना हुआ काफिला
प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए काफिले को अलग-अलग समय पर रवाना किया। दोनों काफिलों को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में आगे बढ़ाया गया। जगह-जगह सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की समस्या न हो।
बालटाल जाने वाला काफिला- सुबह 3:00 बजे रवाना हुआ
पहलगाम जाने वाला काफिला- सुबह 3:24 बजे रवाना हुआ
श्रद्धालुओं की विविधता और भागीदारी
इस जत्थे में देशभर से आए श्रद्धालु शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार 3,434 पुरुष, 966 महिलाएं, 11 बच्चे, 244 साधु और 157 साध्वियां शामिल बताए जा रहे है।
पहले और दूसरे जत्थे की भी शुरुआत
इसी बीच, शनिवार को यात्रा के दूसरे जत्थे ने भी अपनी पैदल यात्रा शुरू की। ये श्रद्धालु गंदेरबल के बालटाल और पहलगाम के नुनवान आधार शिविरों से आगे बढ़े। यह जत्था लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर जा रहा है। यहां पहुंचकर श्रद्धालु प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन करते हैं, जिसे भगवान शिव का स्वरूप माना जाता है।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सावधानियां और तैयारी
अधिकारियों ने यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुछ जरूरी निर्देश भी जारी किए हैं, ताकि यात्रा सुरक्षित और आरामदायक बनी रहे।
- जरूरी दस्तावेज साथ रखें- श्रद्धालुओं को अपने साथ ये दस्तावेज रखने की सलाह दी गई हैय़ यात्रा शुरू करने से पहले शारीरिक फिटनेस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
- रोजाना 4 से 5 किलोमीटर पैदल चलने की प्रैक्टिस करें- हल्की दौड़ और स्ट्रेचिंग करें। शरीर को ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए तैयार करें
- जरूरी सामान अपने साथ रखें- यात्रा के दौरान मौसम और रास्ता दोनों चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, इसलिए ये चीजें साथ रखना जरूरी है।
- मौसम और कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखें- अमरनाथ यात्रा ऊंचे पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरती है, जहां मौसम कभी भी बदल सकता है। ठंडी हवा, बारिश और बर्फबारी जैसी स्थितियां आम हैं।











