Naresh Bhagoria
11 Jan 2026
Manisha Dhanwani
11 Jan 2026
Aakash Waghmare
10 Jan 2026
एंकॉरेज। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अहम शिखर वार्ता के लिए अलास्का के एंकोरेज शहर पहुंच चुके हैं। जबकि रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमर पुतिन भी कुछ ही देर में वहां पहुंचने वाले हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह यूक्रेन युद्ध में आज ही युद्धविराम देखना चाहते हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के पहुंचने पर डोनाल्ड ट्रंप स्वयं एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करेंगे। डोनाल्ड ट्रम्प और ब्लादिमिर पुतिन की मुलाकात के लिए अलास्का के एल्मेंडॉर्फ एयर बेस पर विशेष प्रबंध किए गए हैं। हवाई अड्डे के रनवे पर रेड कार्पेट बिछाया गया है, जिस पर दोनों नेता चलकर मंच तक पहुंचेंगे। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
हालांकि, इस शिखर बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को आमंत्रित नहीं किया गया है। उधर, जेलेंस्की ने कहा है कि वह शांति समझौते की शर्त के रूप में यूक्रेन के रूसी कब्जे वाले हिस्से पर कोई समझौता नहीं करेंगे। उधर, ट्रंप ने अलास्का के लिए रवाना होने से पहले कहा कि वह यूक्रेन के लिए कोई समझौता तय करने नहीं जा रहे हैं, बल्कि उन्हें बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, मैं यहां यूक्रेन के लिए बातचीत करने नहीं आया, बल्कि उन्हें बातचीत की प्रक्रिया में लाना चाहता हूं। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि इस बैठक की सफलता का पैमाना क्या होगा, तो उन्होंने कहा, मैं चाहता हूँ कि युद्धविराम तेजी से हो, अगर यह आज नहीं हुआ तो मुझे खुशी नहीं होगी, मैं चाहता हूँ कि हत्या और विनाश तुरंत रुक जाए।
स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे और भारतीय समय के अनुसार लगभग एक बजे अलास्का के सबसे बड़े शहर में दोनों नेताओं की बैठक निर्धारित है। ट्रंप को उम्मीद है कि 3.5 साल से चल रहे इस युद्ध में युद्धविराम न केवल क्षेत्र में शांति लाएगा, बल्कि उन्हें वैश्विक शांति निर्माता के रूप में उनकी छवि मजबूत करेगा और संभवतः नोबेल शांति पुरस्कार की राह भी खोलेगा। उन्होंने कहा रूस-यूक्रेन युद्ध द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप का सबसे घातक संघर्ष है। विनाश का यह सिलसिला अब बंद होना चाहिए। पुतिन के लिए भी यह बैठक पहले से ही एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वह इसे इस रूप में पेश कर सकते हैं कि पश्चिमी देशों के वर्षों के अलग-थलग करने के प्रयास अब असफल हो रहे हैं और रूस एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की शीर्ष मेज पर लौट आया है। रूस के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव ने बैठक से पहले के माहौल को तकरार भरा बताया और कहा कि दोनों नेता न केवल यूक्रेन बल्कि द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे पर चर्चा करेंगे।
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि वह रूस का युद्ध 24 घंटे में खत्म कर देंगे। बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि यह उतना आसान काम नहीं है, जितना उन्होंने समझा था। उन्होंने कहा अगर बैठक में बातचीत अच्छी रही तो वह जल्दी ही बातचीत की प्रक्रिया में जेलेंस्की को शामिल करेंगे। जेलेंस्की और पुतिन के साथ एक दूसरी, त्रिपक्षीय बैठक आयोजित करना उनकी पुतिन से मुलाकात से भी अधिक महत्वपूर्ण होगा। क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि अगर अलास्का वार्ता सफल रहती है तो त्रिपक्षीय बैठक संभव है। उन्होंने यह भी बताया कि शिखर बैठक में बातचीत छह से सात घंटे तक चल सकती है और इसमें सहायक अधिकारी भी शामिल होंगे, जबकि पहले इसे सिर्फ एक-से-एक बैठक माना जा रहा था।
उधर, कीव में जेलेंस्की ने कहा शिखर वार्ता को एक न्यायपूर्ण शांति और त्रिपक्षीय वार्ता का रास्ता खोलना चाहिए, तभी इसे सफल माना जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि रूस ने शुक्रवार को भी युद्ध जारी रखा और ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में एक रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हुआ। उन्होंने टेलीग्राम पर लिखा, यह युद्ध समाप्त करने का समय है और इसके लिए जरूरी कदम रूस को उठाने होंगे। हम अमेरिका पर भरोसा कर रहे हैं। अलास्का में यह बैठक न केवल यूक्रेन संघर्ष के भविष्य के लिए बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन और अमेरिका-रूस संबंधों के लिए भी अहम मानी जा रही है। अब नजर इस बात पर है कि क्या यह वार्ता युद्धविराम की दिशा में ठोस परिणाम दे पाएगी या यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक कूटनीतिक प्रदर्शन बनकर रह जाएगी।