एआई से फ्रॉड - वीडियो कॉल से इंदौर परिवार को बनाया शिकार, बेटे को बंधक दिखाकर बदमाशों ने वसूले लाखों

इंदौर में साइबर अपराधियों ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर ठगी की ऐसी सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया, जिसने पूरे शहर को चौंका दिया है। एमआईजी थाना क्षेत्र में बदमाशों ने 16 वर्षीय किशोर के नाम पर उसके परिवार को वीडियो कॉल कर बंधक बनाए जाने का झांसा दिया और चाकू से हमला व गला काटने की धमकी देकर लाखों रुपए की वसूली कर ली। पीड़िता पूजा प्रजापति ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा 1 तारीख को कोचिंग जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन 2 तारीख को अज्ञात बदमाशों ने वीडियो कॉल कर बच्चे को बंधक जैसी स्थिति में दिखाया और खुद को अपहरणकर्ता बताते हुए परिवार को डराना शुरू कर दिया।
वीडियो कॉल में आरोपियों ने किशोर पर चाकू से हमला करने और उसका गला काटने की धमकी दी, जिससे परिवार पूरी तरह दहशत में आ गया। बदमाशों ने पहले 30 हजार रुपए मांगे और फिर अलग-अलग किश्तों में कुल 1 लाख 2 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए। आरोपियों ने इतना ही नहीं, बल्कि बच्चे की किडनी बेचने तक की धमकी देकर परिवार पर लगातार मानसिक दबाव बनाए रखा। बेटे की जान बचाने की उम्मीद में घबराए परिजनों ने परिचितों और रिश्तेदारों से उधार लेकर रकम जुटाई और बताए गए खातों में भेज दी।
घटना के बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। जांच में सामने आया कि ठगों ने सोशल मीडिया पर डाले गए मोबाइल नंबर के जरिए परिवार से संपर्क कर पूरा षड्यंत्र रचा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस साइबर एंगल से जांच कर रही है। परिजनों ने लोगों से ऐसे वीडियो कॉल फ्रॉड से सतर्क रहने की अपील करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले में पीड़िता पूजा प्रजापति और एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के बयान भी दर्ज किए गए हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि जल्द ही गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।












