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Water Price Hike :LPG सिलेंडर के बाद अब पैकेज्ड पानी भी होगा महंगा? महाराष्ट्र की 20 % यूनिट में काम बंद

विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों के लिए लंबे समय तक बढ़ी हुई लागत को खुद उठाना संभव नहीं होगा। यदि क्रूड ऑयल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहती हैं और आपूर्ति बाधित रहती है, तो आने वाले हफ्तों में बोतलबंद पानी समेत अन्य पेय पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी लगभग तय है
LPG सिलेंडर के बाद अब पैकेज्ड पानी भी होगा महंगा? महाराष्ट्र की 20 % यूनिट में काम बंद
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भारत में जहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की चेतावनी दी जा रही है, वहीं पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम उपभोक्ताओं पर दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और सप्लाई चेन में बाधा के कारण देश का लगभग 6 अरब डॉलर का बोतलबंद पानी उद्योग दबाव में आ गया है।

    गर्मी का मौसम और पानी की मार…

    अप्रैल और मई के महीनों में भारत में पानी और ठंडे पेय पदार्थों की मांग अपने चरम पर होती है। ऐसे समय में साफ पेयजल की कमी, भूजल प्रदूषण और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण बड़ी आबादी पैकेज्ड पानी पर निर्भर रहती है। एक अध्ययन के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में करीब 15% और ग्रामीण इलाकों में 6% परिवार पीने के लिए बोतलबंद पानी का इस्तेमाल करते हैं, जिससे इस उद्योग की अहमियत और बढ़ जाती है।

    होर्मुज स्ट्रेट से आपूर्ति प्रभावित

    विशेषज्ञों के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल और तरलीकृत नैचुरल गैस की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है, जिसका असर वैश्विक बाजार पर पड़ रहा है। भारत जैसे देश, जो ऊर्जा के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर हैं, इस संकट को सीधे महसूस कर रहे हैं। तेल महंगा होने से उससे जुड़े सभी उत्पादों की लागत बढ़ रही है।

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    प्लास्टिक बोतल की लागत में भारी उछाल

    बोतलबंद पानी की कीमतों पर सबसे बड़ा असर प्लास्टिक पैकेजिंग से पड़ रहा है। कच्चे तेल से बनने वाले पीईटी (पॉलीएथिलीन टेरेफ्थेलेट) रेजिन की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है। उद्योग से जुड़े वैभव सराओगी के मुताबिक, पीईटी प्रीफॉर्म की कीमत बढ़ने का असर केवल पानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पैकेजिंग सेक्टर को प्रभावित करेगा।

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    महाराष्ट्र में 20% यूनिट ने रोका प्रोडक्शन

    स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि महाराष्ट्र में लगभग 20% बोतल निर्माण इकाइयों ने अस्थायी रूप से  प्रोडक्शन बंद कर दिया है। उद्योग संगठन के अनुसार, पीईटी प्रीफॉर्म की कीमत 115 रुपये प्रति किलो से बढ़कर करीब 180 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है और बाजार में इसकी कमी भी देखने को मिल रही है।

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    आने वाले दिनों में कीमतें बढ़ना तय

    विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों के लिए लंबे समय तक बढ़ी हुई लागत को खुद उठाना संभव नहीं होगा। यदि क्रूड ऑयल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहती हैं और आपूर्ति बाधित रहती है, तो आने वाले हफ्तों में बोतलबंद पानी समेत अन्य पेय पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी लगभग तय है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा, खासकर उस समय जब देश पहले से ही भीषण गर्मी का सामना कर रहा है।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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