कर्नाटक में आज तय होगा नया मुख्यमंत्री!डीके शिवकुमार के नाम पर मुहर की तैयारी, शाम 4 बजे होगी विधायक दल की बैठक

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव लगभग तय माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक शनिवार शाम 4 बजे बुलाई गई है। इस बैठक में डिप्टी सीएम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। इसके साथ ही राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक के बाद डीके शिवकुमार राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। कांग्रेस हाईकमान की सहमति के बाद अगले सप्ताह नए मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है।
विधायक दल की बैठक में क्या होगा?
बेंगलुरु के विधान सौधा में होने वाली बैठक की निगरानी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला करेंगे।
बैठक में संभावित घटनाक्रम-
- सिद्धारमैया के कार्यकाल और नेतृत्व की सराहना करते हुए प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
- डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा जाएगा।
- विधायक दल उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुन सकता है।
- वैकल्पिक रूप से विधायक दल नेतृत्व चयन का अधिकार कांग्रेस हाईकमान को भी सौंप सकता है।
- बैठक के बाद राज्यपाल को समर्थन पत्र सौंपा जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिद्धारमैया स्वयं डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं।
कब होगा शपथ ग्रहण?
नई सरकार के शपथ ग्रहण को लेकर अलग-अलग तारीखों पर चर्चा चल रही है।
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संभावित तारीख |
स्थिति |
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1 जून |
शुरुआती संभावना |
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3 जून |
प्रशासनिक तैयारियों के चलते चर्चा में |
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4-5 जून |
सूत्रों के अनुसार सबसे संभावित |
बताया जा रहा है कि शपथ ग्रहण समारोह की तारीख राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस नेतृत्व की उपलब्धता को ध्यान में रखकर तय की जाएगी।
कितने डिप्टी सीएम बन सकते हैं?
नई सरकार में उपमुख्यमंत्रियों की संख्या को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। कुछ रिपोर्टों में दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावना जताई गई है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि संख्या चार तक पहुंच सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह देश के उन राज्यों में शामिल होगा जहां सत्ता संतुलन के लिए एक साथ कई उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं। इससे पहले आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी की सरकार में पांच डिप्टी सीएम बनाए गए थे।
नई कैबिनेट में किसका दबदबा रहेगा?
सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि मंत्रिमंडल में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, मौजूदा कैबिनेट के करीब 10 मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। शपथ ग्रहण के दौरान 5 से 10 मंत्री भी शपथ ले सकते हैं, जबकि पूर्ण मंत्रिमंडल का विस्तार बाद में किया जाएगा। कांग्रेस नेतृत्व क्षेत्रीय, सामाजिक और जातीय संतुलन बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहा है ताकि सभी प्रमुख वर्गों को प्रतिनिधित्व मिल सके।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी सिद्धारमैया का प्रभाव कांग्रेस सरकार में बना रहेगा। नई कैबिनेट में उनके समर्थक नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। इसके अलावा पार्टी और सरकार के बीच समन्वय बनाए रखने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रह सकती है। हालांकि, कांग्रेस हाईकमान किसी समानांतर शक्ति केंद्र की स्थिति से बचना चाहता है।
दिल्ली में क्यों हुई अहम मुलाकातें?
सिद्धारमैया ने 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अगले ही दिन दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अपने समर्थकों को नई सरकार में उचित प्रतिनिधित्व देने और बेटे यतींद्र सिद्धारमैया के लिए अहम भूमिका की मांग रखी। दूसरी ओर डीके शिवकुमार ने भी दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात की और कैबिनेट गठन तथा शपथ ग्रहण समारोह को लेकर चर्चा की।
2023 में कैसे बना था 'ढाई-ढाई साल' का फॉर्मूला?
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस ने 135 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों ने दावा पेश किया था। सिद्धारमैया को AHINDA (अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित) समीकरण का मजबूत समर्थन प्राप्त था, जबकि डीके शिवकुमार को वोक्कालिगा समुदाय और संगठनात्मक ताकत का लाभ मिला था। दोनों नेताओं के बीच सहमति बनाने में कांग्रेस हाईकमान को करीब एक सप्ताह का समय लगा था। उसी दौरान ढाई-ढाई साल के सत्ता साझा फॉर्मूले की चर्चा शुरू हुई थी, हालांकि पार्टी ने कभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की।
कौन हैं डीके शिवकुमार?
प्रोफाइल
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विवरण |
जानकारी |
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पूरा नाम |
डी.के. शिवकुमार |
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जन्म |
1962 |
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विधानसभा क्षेत्र |
कनकपुरा |
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समुदाय |
वोक्कालिगा |
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वर्तमान पद |
उपमुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष |
राजनीतिक सफर
- 1989 में पहली बार विधायक बने
- 1999 में मंत्री बने
- 2004 में गठबंधन सरकार में मंत्री रहे
- 2020 में कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बने
- 2023 में डिप्टी सीएम बने
- 2026 में मुख्यमंत्री बन सकते हैं
संपत्ति और विवाद
डीके शिवकुमार देश के सबसे अमीर राजनेताओं में शामिल हैं। उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके पास 1413 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है, जबकि उन पर लगभग 263 करोड़ रुपए की देनदारी भी है। रियल एस्टेट, होटल और खनन कारोबार से जुड़े शिवकुमार कई कानूनी मामलों का सामना कर चुके हैं। ईडी और सीबीआई उनके खिलाफ विभिन्न मामलों की जांच कर चुकी हैं। 2019 में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था और करीब 50 दिन तिहाड़ जेल में रहना पड़ा था।
ज्योतिषी ने क्या दावा किया?
डीके शिवकुमार के पारिवारिक ज्योतिषी द्वारकानाथ गुरुजी ने दावा किया है कि वे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि शिवकुमार केवल कुछ समय के लिए नहीं, बल्कि लंबे राजनीतिक भविष्य के साथ मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की कि 2028 के विधानसभा चुनावों के बाद भी शिवकुमार सत्ता में वापसी कर सकते हैं।
भाजपा ने साधा निशाना
कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बीच भाजपा ने सरकार पर हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने कहा कि, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच लंबे समय से चल रही प्रतिस्पर्धा का असर प्रशासन पर पड़ा। वहीं केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने आरोप लगाया कि, पिछले तीन सालों से कांग्रेस सरकार आंतरिक खींचतान में उलझी रही, जिससे शासन प्रभावित हुआ।











