डिजिटल डेस्क। जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने अपने नए स्टार्टअप टैंपल के लिए भर्ती प्रक्रिया में एक अलग ही मानदंड तय किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए ऐसे युवाओं की तलाश शुरू की है जो न सिर्फ प्रतिभाशाली हों, बल्कि फिटनेस के मामले में भी एक निश्चित स्तर पर खरे उतरते हों।
गोयल ने उम्मीदवारों के लिए बॉडी फैट प्रतिशत को भी पात्रता का हिस्सा बनाया है। पुरुषों के लिए यह सीमा 16 प्रतिशत से कम और महिलाओं के लिए 26 प्रतिशत से कम तय की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका स्टार्टअप उन लोगों के लिए उत्पाद विकसित कर रहा है जो अपने शरीर को चरम प्रदर्शन तक ले जाते हैं। ऐसे में वे चाहते हैं कि उनकी टीम भी उसी सोच और अनुशासन को अपनाए। हालांकि, जो उम्मीदवार अभी इस स्तर तक नहीं पहुंचे हैं लेकिन तीन महीने में लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, उन्हें भी आवेदन की अनुमति दी गई है, लेकिन वे शुरुआती दौर में प्रोबेशन पर रहेंगे।
टैंपल का उद्देश्य शीर्ष स्तर के खिलाड़ियों के लिए उन्नत वियरेबल तकनीक विकसित करना है। इस स्टार्टअप में एनालॉग सिस्टम इंजीनियर से लेकर कम्प्यूटेशनल न्यूरोसाइंटिस्ट जैसी विविध भूमिकाओं के लिए भर्ती की जा रही है। यह पहल दर्शाती है कि कंपनी केवल तकनीकी विशेषज्ञता ही नहीं, बल्कि जीवनशैली और प्रदर्शन-उन्मुख मानसिकता को भी महत्व दे रही है। गोयल का मानना है कि जो लोग खुद फिटनेस को गंभीरता से लेते हैं, वे एथलीटों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।
इस अनोखी भर्ती नीति को लेकर सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे नवाचारपूर्ण बताया, जबकि कुछ ने सवाल उठाए कि उत्कृष्ट तकनीकी उत्पाद बनाने के लिए खुद एथलीट होना जरूरी नहीं है। इसी बीच, यह भी सामने आया कि गोयल ने हाल ही में इटर्नल के प्रबंध निदेशक और समूह सीईओ पद से इस्तीफा दिया था, जो जोमैटो और ब्लिंकिट की मूल कंपनी है। उन्होंने तब संकेत दिया था कि वे अब उच्च जोखिम वाले नए प्रयोगों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।