अब नहीं होगी गाड़ी खड़ी करने की दिक्कत, भोपाल के 10 नंबर मार्केट में बनेगी हाइड्रोलिक पार्किंग

शाहिद खान, भोपाल। राजधानी जल्द ही पार्किंग के मामले में हाइटेक होने जा रही है। उम्मीद है कि आने वाले साल में शहर मल्टी लेवल हाइड्रोलिक पार्किंग से लैस होगा, जो 10 नंबर मार्केट में बनाई जाएगी। जो सूबे की पहली पब्लिक हाइड्रोलिक पार्किंग होगी। क्योंकि इंदौर की कुछ कमर्शियल बिल्डिंग्स और मॉल्स में निजी हाइड्रोलिक पार्किंग मौजूद है। नगर निगम पीपीपी मॉडल पर अत्याधुनिक मल्टी-लेवल हाइड्रोलिक पार्किंग प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। बजट में निगम ने इसे शामिल किया है। तेजी से बढ़ते वाहनों के बीच 10 नंबर मार्केट में हाइड्रोलिक पार्किंग का यह प्रोजेक्ट शहर के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। हालांकि सवाल ये है कि प्रोजेक्ट जमीन पर कब उतरता है।
15 से 20 करोड़ रुपए आएगी लागत
जानकारी के मुताबिक पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर बनने वाली इस पार्किंग की अनुमानित लागत 15 से 20 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह पार्किंग रोज पहुंचने वाले लगभग 1.5 लाख लोगों को पार्किंग की समस्या से निजाद दिलाने में कारगर साबित होगी। यह पार्किंग सब्जी हाट एरिया में विकसित की जाएगी। दरअसल बिट्टन मार्केट में सब्जी हाट, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोजमर्रा के सामान की खरीदारी के लिए शहर भर से लोग आते हैं। सामान्य दिनों में भी यह क्षेत्र वाहनों की पार्किंग से पटा रहता है, जिससे यहां अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां हफ्ते में तीन दिन हाट बाजार लगता है, जिसमें भारी भीड़ होती है। लोगों को अक्सर अपने वाहन सड़क किनारे या दूर-दराज की कॉलोनियों में खड़े करने पड़ते हैं, जिससे चोरी, टूट-फूट और यातायात बाधित होने की स्थिति बन जाती है।
क्या होती है हाइड्रोलिक पार्किंग
हाइड्रोलिक पार्किंग एक आधुनिक तकनीक है, जिसे मल्टी-लेवल कार पार्किंग सिस्टम भी कहा जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोलिक लिफ्टों का इस्तेमाल करके वाहनों को एक के ऊपर एक या कम जगह में अधिक ऊंचाई पर पार्क किया जाता है। पारंपरिक पार्किंग की तुलना में कई गुना ज्यादा वाहन खड़ा करने की क्षमता रहती है। यह परियोजना न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। इसमें प्रारंभिक तौर पर दो कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई है।
प्रोजेक्ट टाइमलाइन
- EOI (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) : अप्रैल 2026
- Final Proposal : EOI के बाद 50 दिन के भीतर तय होने की संभावना।
- DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट): 100 दिन के अंदर बनकर तैयार होगा।
- पार्किंग निर्माण : अधिकारियों का अनुमान है कि 18 माह में नई हाइड्रोलिक पार्किंग बनकर तैयार हो जाएगी।
क्यों अहम है यह प्रोजेक्ट
- बाजार में ट्रैफिक जाम कम होगा
- ग्राहकों को आसानी से पार्किंग मिलेगी
- व्यापारियों के कारोबार पर सकारात्मक असर पड़ेगा
- भविष्य की बढ़ती वाहन संख्या को ध्यान में रखते हुए समाधान
भोपाल के लिए नई है पार्किंग, देश में नहीं
देश में हाइड्रोलिक पार्किंग (यानी मल्टी-लेवल/ऑटोमेटेड या स्टैक पार्किंग) कोई एक जगह तक सीमित नहीं है। यह अलग-अलग शहरों में अलग स्केल पर पहले से लागू है या बन रही है। खास बात यह है कि यह तकनीक मॉल, मेट्रो स्टेशन, हॉस्पिटल, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और सरकारी प्रोजेक्ट्स में ज्यादा उपयोग हो रही है।
कहां-कहां हाइड्रोलिक पार्किंग
दिल्ली : सरोजिनी नगर, कनॉट प्लेस, लाजपत नगर में ऑटोमेटेड पार्किंग
मुंबई : मॉल और कॉर्पोरेट हब में टॉवर व स्टैक पार्किंग
बेंगलुरु : मेट्रो स्टेशन और आईटी पार्क में मल्टी-लेवल सिस्टम
पुणे : रेजिडेंशियल और ऑफिस बिल्डिंग में 2-3 लेवल स्टैक पार्किंग
अन्य बड़े शहर
अहमदाबाद : रिवरफ्रंट और कमर्शियल एरिया में प्रोजेक्ट
लखनऊ : बड़े मल्टी-लेवल पार्किंग प्रोजेक्ट संचालित/निर्माणाधीन
चंडीगढ़ : सेक्टर मार्केट में अंडरग्राउंड प्लस मल्टी-लेवल पार्किंग
हैदराबाद/चेन्नई : मॉल और एयरपोर्ट में आधुनिक सिस्टम
मध्यप्रदेश की स्थिति
इंदौर : सीमित स्तर पर निजी बिल्डिंग में स्टैक पार्किंग
भोपाल : अभी तक बड़ा प्रोजेक्ट नहीं, 10 नंबर मार्केट होगा पहला
ग्वालियर/जबलपुर : जरूरत ज्यादा, प्रोजेक्ट शुरुआती स्तर पर





















