
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र का आज नौवां दिन रहा। सदन की कार्यवाही के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन एक विधायक द्वारा गुटखा खाकर थूकने की घटना ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को नाराज कर दिया। उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि CCTV में विधायक की पहचान कर ली गई है और अगर वह खुद आकर अपनी गलती मान लेते हैं, तो मामला वहीं खत्म हो सकता है।
सत्र के दौरान विपक्ष ने कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरा, जिनमें पीडीए के छात्रों की छात्रवृत्ति, ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय और बजट बढ़ाने की मांग शामिल थी।
गुटखा खाकर थूकने पर विधानसभा अध्यक्ष की सख्ती
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन के अंदर फर्श पर गुटखे की छींटे देखी। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने CCTV में विधायक को देख लिया है। अगर वह खुद आकर अपनी गलती मान लें, तो ठीक रहेगा। आगे से ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए।”
यह पहली बार नहीं है जब सदन के अंदर अनुशासनहीनता का मामला सामने आया हो। विधानसभा अध्यक्ष ने साफ किया कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और विधायकों को मर्यादा का पालन करना चाहिए।
छात्रवृत्ति और बजट बढ़ाने की मांग पर विपक्ष ने सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के छात्रों की छात्रवृत्ति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, “पीडीए का नाम सुनकर ही आप चिढ़ जाते हैं। उनके बच्चों की छात्रवृत्ति के लिए भी बजट बढ़ाइए। मुख्यमंत्री जी, आप छात्रों के प्रति उदार हैं, टैबलेट बांटते हैं। इस पर विचार कीजिए। संसदीय कार्य मंत्री (कंजूस आदमी) से कहिए कि बजट बढ़ाएं।”
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर यह भी तंज कसा कि वह छात्रों के लिए बजट बढ़ाने से बच रही है, जबकि अन्य योजनाओं पर भारी खर्च किया जा रहा है।
ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय पर मंत्री और स्पीकर आमने-सामने
सपा विधायक बृजेश कठेरिया ने सदन में ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय को लेकर सवाल उठाया। इस पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने जवाब दिया, “यह मामला ग्राम विकास विभाग से संबंधित है, पंचायती राज विभाग से नहीं। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।”
उनके इस जवाब पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नाराजगी जताई। उन्होंने मंत्री को टोकते हुए कहा, “सदस्य सवाल सरकार से पूछते हैं। अगर आपके विभाग से संबंधित सवाल नहीं था, तो इसे संबंधित विभाग को भेजना चाहिए था। अधूरी जानकारी नहीं देनी चाहिए, सही जवाब आना चाहिए।”
कब तक चलेगा बजट सत्र
यूपी विधानसभा का बजट सत्र 20 फरवरी को शुरू हुआ था और इसी दिन राज्य का बजट पेश किया गया था। इस बार सत्र की कुल अवधि 11 दिन तय की गई है, जो 5 मार्च तक चलेगी।
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