IRCTC और IRFC को मिला ‘नवरत्न’ का दर्जा, वैश्विक स्तर पर विस्तार और प्रतिस्पर्धा के लिए खुलेंगे रास्ते

नई दिल्ली। भारत सरकार ने भारतीय रेलवे कैटरिंग और टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) और भारतीय रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) को नवरत्न का दर्जा प्रदान किया है। इस कदम से दोनों कंपनियों को अधिक वित्तीय और प्रशासनिक स्वतंत्रता मिलेगी, जिससे वे तेजी से निर्णय ले सकेंगी और भारतीय रेलवे के विकास को गति मिलेगी। यह दर्जा प्राप्त करने वाली ये 25वीं और 26वीं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां बन गई हैं।
क्या होता है नवरत्न का दर्जा
भारत सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs) को उनके प्रदर्शन और स्वायत्तता के आधार पर महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न श्रेणियों में वर्गीकृत करती है। नवरत्न का दर्जा उन्हीं कंपनियों को दिया जाता है जो मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और परिचालन दक्षता प्रदर्शित करती हैं। इस दर्जे के मिलने के बाद कंपनियों को महत्वपूर्ण नीतिगत और व्यावसायिक फैसले खुद लेने की स्वतंत्रता मिलती है।IRCTC और IRFC को क्या लाभ मिलेगा
- निर्णय लेने की अधिक स्वतंत्रता- अब ये कंपनियां 1,000 करोड़ रुपए या अपनी नेट वर्थ के 15% (जो भी कम हो) तक का निवेश बिना सरकारी मंजूरी के कर सकती हैं। इससे परियोजनाओं को तेजी से लागू करने और विस्तार की योजनाओं को तुरंत प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
- वित्तीय मजबूती और निवेश के अवसर- नवरत्न बनने के बाद IRFC और IRCTC को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से धन जुटाने की स्वतंत्रता मिल जाएगी। ये कंपनियां बॉन्ड जारी कर सकती हैं, विदेशी निवेश आकर्षित कर सकती हैं और वित्तीय संस्थानों से ऋण ले सकती हैं। इससे रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी।
- रेलवे परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा- IRFC भारतीय रेलवे की प्रमुख वित्तीय कंपनी है, जो रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास और नई परियोजनाओं के लिए पूंजी जुटाने में अहम भूमिका निभाती है। नवरत्न दर्जा मिलने के बाद इसकी वित्तीय स्थिति और मजबूत होगी, जिससे भारतीय रेलवे नई रेल लाइनों, आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं में सुधार कर सकेगा।
- कर्मचारियों को मिलेगा फायदा- नवरत्न कंपनियां बेहतर वेतन संरचना और प्रतिभाशाली कर्मचारियों को आकर्षित करने के लिए अधिक स्वतंत्र होंगी। वे उच्च कुशल पेशेवरों को नियुक्त कर सकती हैं और उनकी क्षमता के अनुसार वेतन और सुविधाएं प्रदान कर सकती हैं। इससे कर्मचारियों की संतुष्टि और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।












