ग्रिड में भीषण धमाका:160 एमवी ट्रांसफार्मर जलकर खाक,तीन घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आग,फिर भी बिजली आपूर्ति रही सुचारु

इंदौर। इंदौर-उज्जैन हाईवे पर सांवेर के समीप जैतपुरा पहाड़ी स्थित 220 केवी विद्युत ग्रिड में बुधवार देर रात हुए भीषण विस्फोट और आगजनी से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी विकराल थी कि 160 एमवी क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर सहित कई महत्वपूर्ण विद्युत उपकरण जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जबकि आग की ऊंची-ऊंची लपटें दूर-दराज के गांवों से भी साफ दिखाई दे रही थीं। करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार हादसे में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
तेज धमाके से दहशत, गांवों में मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शी आशीष कुमावत के मुताबिक रात करीब 11 बजे अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। इसके कुछ ही पलों बाद जैतपुरा पहाड़ी की दिशा से आग का विशाल गुबार और ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं। धमाके की आवाज सुनकर धरमपुरी समेत आसपास के गांवों के लोग घरों से बाहर निकल आए और बड़ी संख्या में घटनास्थल की ओर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि पावर ट्रांसफार्मर में आग लगने के बाद उसमें विस्फोट हुआ, जिससे ट्रांसफार्मर में भरा तेल (ऑयल) बाहर फैल गया और आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया।
लोहे के तार तक पिघले, कई उपकरण चपेट में आए
ग्रामीणों के अनुसार आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि ट्रांसफार्मर के आसपास स्थापित कई विद्युत उपकरण भी उसकी चपेट में आ गए। भीषण गर्मी के कारण लोहे के तार तक पिघल गए। घने धुएं और आग की लपटों से पूरा इलाका लाल हो गया और काफी देर तक लोगों में दहशत का माहौल बना रहा।
इंदौर से पहुंचीं दमकलें, तीन घंटे तक चला राहत अभियान
घटना की सूचना मिलते ही बिजली कंपनी, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। इंदौर से कई दमकल वाहन और पानी के टैंकर तत्काल रवाना किए गए।दमकल कर्मियों ने आग बुझाने के लिए पानी के साथ रेत और बालू का भी उपयोग किया, लेकिन ट्रांसफार्मर में मौजूद ऑयल के कारण आग लगातार भड़कती रही। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका।
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5 करोड़ से अधिक का ट्रांसफार्मर राख, करोड़ों का नुकसान
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में 160 एमवी क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर पूरी तरह जल गया। इसकी कीमत पांच करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इसके अलावा ग्रिड में लगे अन्य महंगे विद्युत उपकरणों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। बिजली कंपनी नुकसान का विस्तृत आकलन कर रही है।
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बड़ी राहत: बिजली आपूर्ति नहीं हुई बाधित
इतने बड़े हादसे के बावजूद बिजली कंपनी के अधिकारियों ने वैकल्पिक फीडरों के माध्यम से विद्युत आपूर्ति को सुचारु बनाए रखा। तकनीकी टीम ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं होने दी, जिससे बड़े पैमाने पर बिजली संकट टल गया।
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तकनीकी खराबी की आशंका, जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे ग्रिड का निरीक्षण किया। इंदौर ग्रामीण के अधीक्षण यंत्री डी.एन. शर्मा के नेतृत्व में तकनीकी विशेषज्ञों की टीम आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर ट्रांसफार्मर में आंतरिक तकनीकी खराबी या इलेक्ट्रिकल फॉल्ट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।












