सीहोर में सरेराह खूनी खेल-ढाबे पर मामूली विवाद के बाद बाइक सवार दो दोस्तों को कार से रौंदा, एक की मौत!

सीहोर। जिले के पचामा स्थित परमार ढाबे के पास बीती रात हुआ सड़क हादसा अब एक खौफनाक और सुनियोजित कत्ल की शक्ल अख्तियार कर चुका है। जिस घटना को पहले तेज रफ्तार का कहर समझा जा रहा था, वह दरअसल आपसी विवाद के बाद बदले की आग में अंजाम दिया गया सनसनीखेज मर्डर निकला। मंडी निवासी मृतक कपिल राठौर के साथ बाइक पर सवार चश्मदीद और घायल मितेश राठौर ने जब पुलिस और मीडिया के सामने पूरी दास्तान बयां की, तो सुनने वालों की रूह कांप गई।
साउंड बंद कराने के नाम पर कर रहे थे गुंडागर्दी
मितेश का आरोप है कि यह कोई इत्तेफाकन दुर्घटना नहीं, बल्कि पीछा करके कार से कुचलने का सीधा-सीधा खूनी खेल था। सोमवार सुबह रोते-बिलखते परिजन और आक्रोशित स्थानीय लोग जब कोतवाली पहुंचे, तो पूरा थाना परिसर इंसाफ के नारों से गूंज उठा। वारदात की शुरुआत रविवार देर रात परमार ढाबे से हुई। घायल मितेश ने बताया कि धर्मेंद्र, ओमदीप और उनके तीन-चार गुर्गे वहां मौजूद लड़कों को बेवजह धमका रहे थे और साउंड बंद कराने के नाम पर गुंडागर्दी कर रहे थे। अनमोल और मितेश ने जब बीच-बचाव कर उन्हें समझाने की कोशिश की, तो आरोपी आगबबूला हो गए और सरेआम गालियां बकने लगे। दोनों को आरोपियों ने खुलेआम धमकी दी। इस धमकी को वहीं मौजूद उनके साथी राजा ने सुन लिया। खतरे की आहट भांपते हुए राजा ने दोनों को अकेले निकलने से साफ मना कर दिया।
रात के सन्नाटे में मौत का पीछा.. 300 मीटर तक दौड़ाया पहिया
हालात बिगड़ने पर कपिल ने अपने मोबाइल से मितेश के चाचा को कॉल कर पूरी वारदात बताई। चाचा ने 15 से 20 मिनट में मौके पर पहुंचने की बात कही, लेकिन कुछ देर सन्नाटा देखकर कपिल और मितेश बाइक से घर के लिए निकल पड़े। उन्हें क्या मालूम था कि मौत चंद कदमों की दूरी पर घात लगाए बैठी है। महज 200-300 मीटर आगे बढ़ते ही पचामा बैंक ऑफ इंडिया के पास एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक के आगे अपनी गाड़ी अड़ा दी। हमले का अंदेशा होते ही युवकों ने बाइक भगाई, लेकिन कार सवार हत्यारे खून के प्यासे हो चुके थे।
राजपूत ढाबे के सामने खूनी प्रहार.. आंखों के सामने दम तोड़ गया साथी
जैसे ही बाइक राजपूत ढाबे के पास पहुंची, पीछे से आ रही कार ने पूरी ताकत से बाइक के पिछले हिस्से पर जोरदार टक्कर मार दी। मितेश के मुताबिक, कार की स्टीयरिंग ओमदीप के हाथ में थी और उसमें उसके 2-3 साथी सवार थे। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि दोनों युवक हवा में उछलकर दूर जा गिरे। कपिल का सिर सड़क पर बुरी तरह टकराया और उसने अपने साथी की आंखों के सामने तड़पकर मौके पर ही दम तोड़ दिया। खून से लथपथ मितेश चीखता रहा, लेकिन तब तक आरोपी कार भगाकर अंधेरे में गायब हो चुके थे।
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मंडी चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन की चेतावनी, फूटा परिजनों का गुस्सा
घटना के बाद गुस्साए परिजनों और क्षेत्रवासियों का धैर्य जवाब दे गया। वार्ड 23 के पार्षद प्रतिनिधि दिलीप राठौर के नेतृत्व में कोतवाली पहुंचे लोगों ने पुलिस प्रशासन को खुली चेतावनी दी है। परिजनों का साफ कहना है कि जब तक सभी आरोपियों पर धारा 302 के तहत एफआईआर कर उन्हें सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक वे कपिल का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। अगर पुलिस ने हीलाहवाली की, तो कपिल का शव मंडी चौराहे पर रखकर चक्काजाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
टीमें रवाना, सर्विलांस पर संदिग्धों की लोकेशन
मामले की गंभीरता और इलाके में फैले तनाव को देखते हुए सीएसपी अभिनंदना शर्मा ने तत्काल मोर्चा संभाला। उन्होंने थाने पहुंचे पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए निष्पक्ष और कठोर कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सीएसपी ने स्पष्ट किया कि मामले में त्वरित एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मुख्य आरोपी का मोबाइल फोन फिलहाल बंद आ रहा है, लेकिन पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं। साइबर सेल की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है और पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द दबोच लिया जाएगा।
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