आवास की किस्त पर ‘कमीशन’ का खेल… 15 हजार लेते ही लोकायुक्त के जाल में फंसा बाबू”

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15 हजार लेते ही लोकायुक्त के जाल में फंसा बाबू”
लाल घेरे में रिश्वत खोर बाबू
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर/खरगोन।  भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी सख्त अभियान के तहत लोकायुक्त ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में बैठे घूसखोर चेहरे को बेनकाब कर दिया। नगर परिषद भीकनगांव के सहायक राजस्व निरीक्षक मयंक जैन को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब आरोपी अधिकारी आमजन की मजबूरी का फायदा उठाते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि जारी करने के बदले खुलेआम रिश्वत मांग रहा था।

    योजना की किस्त के नाम पर वसूली का खेल

    आवेदक सिराज पठान (35), निवासी वार्ड क्रमांक 06, कसाई मोहल्ला भीकनगांव ने लोकायुक्त से शिकायत की थी कि उसकी पत्नी आयशा पठान को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुटीर स्वीकृत हुआ है। पहली किश्त के रूप में 1 लाख रुपए पहले ही मिल चुके थे, लेकिन दूसरी किश्त जारी करने के बदले सहायक राजस्व निरीक्षक मयंक जैन 15 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था।गरीब हितैषी योजना को भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने की यह शर्मनाक साजिश सामने आने के बाद लोकायुक्त ने मामले को गंभीरता से लिया।

     

    शिकायत सही पाई, फिर बिछाया जाल


    शिकायत मिलने पर पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त कार्यालय इंदौर राजेश सहाय के निर्देशन में मामले का सत्यापन किया गया। शिकायत सही पाए जाने पर 17 अप्रैल 2026 को ट्रैप दल का गठन किया गया और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

    रंगे हाथों पकड़ा गया ‘घूसखोर बाबू’


    जैसे ही आरोपी मयंक जैन ने आवेदक से 15,000 रुपए की रिश्वत ली, ट्रैप दल ने मौके पर ही उसे दबोच लिया। इस कार्रवाई से सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार हुआ है।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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