स्पोर्ट्स डेस्क। आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप के मैच नंबर-38 में गुरुवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब जिम्बाब्वे ने मेजबान श्रीलंका को उसी के घर में मात दे दी। ग्रुप-बी का यह मुकाबला कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया, जहां जिम्बाब्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 विकेट से जीत दर्ज की। यह इस टूर्नामेंट का दूसरा बड़ा झटका माना जा रहा है, जिसने क्रिकेट जगत को एक बार फिर चौंका दिया।
अपने घरेलू दर्शकों के सामने उतरी श्रीलंकाई टीम से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन जिम्बाब्वे ने शानदार खेल दिखाते हुए मेजबान टीम की रणनीतियों को ध्वस्त कर दिया। खास बात यह रही कि यह वही जिम्बाब्वे की टीम है, जिसने इससे पहले ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम को हराकर सनसनी फैला दी थी। हालांकि इस हार से श्रीलंका को टूर्नामेंट में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि टीम पहले ही सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर चुकी है।
इस मुकाबले में श्रीलंका ने जिम्बाब्वे के सामने 179 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। शुरुआत में यह स्कोर जिम्बाब्वे के लिए मुश्किल लग रहा था, लेकिन टीम ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। जिम्बाब्वे ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार बल्लेबाजी की और मुकाबले को आखिरी ओवर तक खींचते हुए तीन गेंद शेष रहते जीत हासिल कर ली।
जिम्बाब्वे की जीत में सबसे बड़ा योगदान ब्रायन बेनेट की नाबाद 63 रनों की पारी का रहा। उन्होंने मुश्किल समय में पारी को संभाला और अंत तक टिके रहे। वहीं कप्तान सिकंदर रजा ने भी 45 रनों की अहम पारी खेलकर टीम की जीत की नींव मजबूत की। दोनों बल्लेबाजों की सूझबूझ भरी बल्लेबाजी ने श्रीलंकाई गेंदबाजों को पूरी तरह बेअसर कर दिया।
इस जीत के साथ जिम्बाब्वे ने टूर्नामेंट में अपने चारों मैच जीतकर शानदार लय बरकरार रखी है। अब टीम सुपर-8 में भारत, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीमों से भिड़ेगी। जिस तरह से जिम्बाब्वे ने अब तक प्रदर्शन किया है, उससे साफ है कि यह टीम सिर्फ भाग लेने नहीं, बल्कि इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरी है।