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एमवाय अस्पताल में फिर लापरवाही उजागर: चूहा कांड के बाद अब ‘बिल्ली कांड’

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  एमवाय अस्पताल में फिर लापरवाही उजागर: चूहा कांड के बाद अब ‘बिल्ली कांड’
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर। शहर के सबसे बड़े सरकारी एमवाय अस्पताल में व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कुछ महीने पहले हुए चूहा कांड की घटना अभी लोगों के जेहन से उतरी भी नहीं थी कि अब अस्पताल में नया “बिल्ली कांड” सामने आ गया है। अस्पताल के ओपीडी यानी बाह्य रोगी विभाग में एक बिल्ली ने बच्चों को जन्म दे दिया, जिससे अस्पताल की साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

    जानकारी के अनुसार अस्पताल के सबसे संवेदनशील एचआईवी संक्रमण वार्ड में भी बिल्लियां खुलेआम घूमती नजर आ रही हैं। इतना ही नहीं, एचआईवी मरीजों के लिए बनाए गए मेडिसिन कक्ष में भी बिल्लियों के कारण गंदगी फैल रही है। यहां केंद्र सरकार द्वारा एचआईवी मरीजों को हर महीने हजारों रुपये की मुफ्त दवाओं का वितरण किया जाता है, लेकिन अव्यवस्था के चलते मरीजों को दी जाने वाली दवाओं के खराब होने का खतरा बढ़ गया है।  बताया जा रहा है कि एचआईवी संक्रमित नवजात बच्चों को दी जाने वाली सेप्ट्रोन दवाओं को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंच रहा है। अस्पताल परिसर में जानवरों की आवाजाही के कारण दवाओं की सुरक्षा और स्वच्छता पर गंभीर चिंता जताई जा रही है। हैरानी की बात यह भी सामने आई है कि एआरटी के एकीकृत परामर्श केंद्र के कुछ कर्मचारी ही बिल्लियों की देखभाल करते नजर आ रहे हैं, जिससे समस्या और बढ़ रही है।

     

    गौरतलब है कि करीब छह महीने पहले अस्पताल में चूहों ने दो नवजात बच्चों को कुतर दिया था, जिसके कारण दोनों नवजातों की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने स्थायी समाधान नहीं किया, जिसके चलते अब फिर लापरवाही सामने आ रही है।

    हाल ही में अस्पताल में रोडेंट एंड एनिमल कंट्रोल तथा हाउसकीपिंग का जिम्मा संभाल रही बीवीजी कंपनी पर दो दिन पहले ही 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था, लेकिन इसके बावजूद हालात में सुधार नजर नहीं आ रहा है। पूरे मामले ने एक बार फिर अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं


    मामले को लेकर डीन अरविंद घनघोरिया का कहना था कि अधीक्षक एम वाई अस्पताल से चर्चा हुई है, जो आप बता रहे हैं। एक जो OPD है, उसमें first floor पर , दो तीन बच्चे report किए थे और तुरंत ही कल दो बच्चे तो पकड़ लिए गए थे, जो छोटे-छोटे बिल्ली के एक-एक माँ के बच्चे हैं शायद और हमने कहा है superintendent को कि जाके zoo में properly उनको वहाँ पर उनको रखवा दें और जो एक हाथ और कोई रह गया है, उसको भी संभवतः superintendent team देख रही है। वहाँ पिंजरा लगवा दी है और पकड़वा करवा दी। पीछे OPD के पीछे आप देखेंगे इतना बड़ा-बड़ा एक KS compound है, बहुत सारे quarters हैं, संभवतः वहाँ से आ सकती है लेकिन अस्पताल में नहीं होना चाहिए और सफाई कराएं।  अस्पताल में तो pest, pest control वगैरह सब बहुत strong है,वही मामले का संज्ञान में आते ही कार्रवाई हुई है।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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