भोपाल के नामचीन 19 स्कूलों में आरटीई के तहत जीरो एडमिशन

भोपाल। राज्य शिक्षा केन्द्र (RSK) द्वारा राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत स्कूलों का आवंटन मिलने के बाद भी बच्चों को एडमिशन नहीं हो पा रहा है। बुधवार 15 अप्रैल को एडमिशन लेने का अंतिम दिन है। राजधानी के नामचीन स्कूलों में अपने बच्चों के एडमिशन के लिए पैरेंट्स भटक रहे हैं। स्थिति यह है कि राजधानी के शारदा विद्या मंदिर, जैक एंड जिल, नारायणा ई टेक्नो, बिलाबॉन्ग सहित 19 स्कूलों में आरटीई के जीरो एडमिशन है। इन स्कूलों ने अभी तक आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश नहीं दिया है।
प्रदेश के 320 स्कूलों में 20% से कम एडमिशन
जानकारी के अनुसार प्रदेश के 320 निजी स्कूल ऐसे हैं, जिनमें आरटीई के 20 फीसदी से कम एडमिशन हुए हैं। वहीं प्राइवेट स्कूलों का कहना है कि आरटीई के बच्चे अभी तक एडमिशन लेने पहुंचे ही नहीं हैं। एडमिशन की 15 अप्रैल को अंतिम तारीख है। इसमें खास यह है कि राजधानी के जिन स्कूलों में आरटीई के जीरो या 20 फीसदी से कम एडमिशन है, वह सभी सीबीएसई के नामचीन स्कूल हैं।
राजधानी के इन 19 स्कूलों में नहीं हुए एक भी एडमिशन
- संस्कृति इंटरनेशनल स्कूल फंदा
- आईईएस पब्लिक स्कूल
- द संस्कार वैली स्कूल
- अ. कार्मल कान्वेंट हिंदी मीडियम स्कूल
- कार्मल कान्वेंट हिंदी मिडियम
- प्राइम वे हाई स्कूल
- जैक एंड जिल द फाउंडेशन स्कूल
- शारदा विद्या मंदिर
- एमटी कार्मल हिंदी विद्यालय
- होली क्रॉस अकादमी
- गायत्री ज्ञान मंदिर
- पोद्दार वर्ल्ड स्कूल
- बिलाबॉन्ग हाई इंटरनेशनल स्कूल
- बनयान ट्री स्कूल
- नवीन विद्यालय हायर सेकंडरी स्कूल पीरगेट
- जय हिंद कान्वेंट स्कूल
- नारायणा ई टेक्नो स्कूल
- बडिंग स्कालर
- नालंदा पब्लिक हायर सेकंडरी स्कूल
डीपीसी कार्यालय में करें शिकायत
राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने साफ कहा है कि कोई स्कूल अगर एडमिशन देने से मना करता है, तो उसकी शिकायत डीपीसी कार्यालय में की जा सकती है। ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
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20 अप्रैल के बाद शुरू होगा दूसरा चरण
पहले चरण में प्रवेश लेने के बाद शेष बची सीटों के लिए आरटीई की दूसरा चरण 20 अप्रैल के बाद शुरू होगा। संचालक सिंह ने बताया कि प्रथम चरण की लॉटरी में जिन बच्चों को किसी भी स्कूल में सीट आवंटन नहीं हुआ है, उन्हें शासन द्वारा स्कूलवार रिक्त रहीं सीटों पर प्रवेश के लिए द्वितीय अवसर प्रदान किया जाएगा।
एडमिशन देने से मना नहीं कर सकते
आरटीई के तहत बच्चों को आवंटित सीट के लिए यदि पैरेंट्स के पास सभी डाक्यूमेंट्स हैं, तो एडमिशन के लिए मना करने के सवाल नहीं उठता है। हमारे पास अभी तक कोई बच्चा एडमिशन के लिए नहीं आया है। संभवत: दूसरे चरण में अच्छे स्कूल का इंतजार कर रहे होंगे।
अजीत सिंह, संचालक, जय हिंद कान्वेंट स्कूल, भोपाल












