पटना।बिहार में विधानसभा चुनाव के परिणामों में NDA को अभूतपूर्व जनादेश मिला है। विपक्षी महागठबंधन की करारी हार ने उनके घटक दलों के नेताओं को चिंतन पर मजबूर कर दिया है। NDA की प्रचंड जीत जितनी चौंकाने वाली है, उसके साथ ही कई और चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। इनमें यह जानकारी भी शामिल है कि इस बार बिहार के 15 जिलों में महागठबंधन का एक भी विधायक चुनकर नहीं आ सका। वहीं अनुसूचित जाति-जनजाति की कुल 40 सीटों में से 34 पर NDA के प्रत्याशी जीते हैं। इस तरह मोदी-नीतिश की जोड़ी का जादू हर वर्ग पर चला है।
बिहार में यादवों की बात नहीं हो तो अचरज होता है। 2025 के विधानसभा चुनावों में 28 यादव विधायक बने हैं। NDA ने 23 यादव उम्मीदवार बनाए थे। इनमें से 15 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। वहीं भाजपा के 5, जेडीयू के 8 और LJP के 2 यादव उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। शेष यादव उम्मीद्वार महागठबंधन के हैं। इसके अलावा 32 राजपूत विधायक बने हैं। इनके अलावा नंबर आता है वैश्य विधायकों का। इस वर्ग के 26 विधायक चुने गए हैं। इसके बाद 25 कुर्मी, 23 कुशवाहा, 23 भूमिहार, 14 ब्राह्मण और 36 दलितों ने चुनाव जीता है।
राज्य के विधानसभा चुनावों में 28 महिलाएं विधायक बनी हैं। इनमें सबसे ज्यादा महिला विधायक NDA की हैं। NDA की 25 महिला विधायक हैं।पार्टी के अनुसार देखें तो BJP की 10, JDU की 9, LJP की 3, HAM की 2 और RLM की एक विधाय है। RJD की 3 महिला उम्मीदवारों ने जीत प्राप्त की है। गौरतलब है कि राज्य में पिछले विधानसभा चुनावों में 25 महिलाएं विधायक चुनी गईं थी। इस तरह 2025 में तीन महिला विधायक बढ़ी हैं।
बिहार में 2025 में सबसे कम 11 मुस्लिम विधायक चुनाव जीते हैं। 5 विधायक AIMIM के हैं। RJD ने 18 मुसलमानों को टिकट दिया था, लेकिन सिर्फ 3 ही जीत सके। कांग्रेस ने 10 मुसलमानों को टिकट दिया था जिसमें से दो जीते। JDU से एक मुस्लिम विधायक है।