लखनऊ। अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी को बड़ा सियासी संबल मिला है। कांग्रेस छोड़ने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सपा का दामन थाम लिया। उनके साथ अपना दल (सोनेलाल) के पूर्व विधायक राजकुमार पाल, पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा, अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू और डॉक्टर दानिश खान (पूर्व AIMIM प्रत्याशी) भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए।
सपा में शामिल होने के दौरान मंच पर एक दिलचस्प क्षण भी सामने आया। बसपा से आए अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू अपने संबोधन में पुरानी पार्टी का जिक्र करते नजर आए। उन्होंने कहा कि भाजपा को कोई हरा सकता है तो वह बहुजन समाज पार्टी है। हालांकि, बाद में उन्होंने अपनी बात को सुधारा। इसी तरह नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भी अपने भाषण में बहुजन समाज पार्टी का उल्लेख कर दिया, जिसे उन्होंने बाद में ठीक किया।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी 24 जनवरी को कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके थे। बताया जाता है कि जब राहुल गांधी रायबरेली जाने के लिए लखनऊ पहुंचे थे, तब एयरपोर्ट पर उन्हें रिसीव करने के लिए नसीमुद्दीन को प्रवेश नहीं दिया गया। इस घटना से नाराज होकर उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली और इस्तीफा दे दिया।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी लंबे समय तक बहुजन समाज पार्टी से जुड़े रहे और मायावती के करीबी नेताओं में गिने जाते थे। मायावती के चारों कार्यकाल में वे कैबिनेट मंत्री रहे। हालांकि 2017 में उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया, जिसके बाद 2018 में वे कांग्रेस में शामिल हुए। अब सपा में उनकी एंट्री को आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। वहीं अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू पीलीभीत से तीन बार विधायक और मायावती सरकार में मंत्री रह चुके हैं।