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दुनिया की पहली ब्रेन-इंस्पायर्ड सुपरकंडक्टिंग चिप, 1 सेकंड में 10 लाख फ्यूजन प्लाज्मा सैंपल करेगी प्रोसेस

ब्रुकहेवन लैब ने बनाई सुपर इंटेलिजेंस चिप, फ्यूजन रिएक्टर में प्लाज्मा की निगरानी और अस्थिरता का पूर्वानुमान करेगी। यह चिप मानव मस्तिष्क के न्यूरल नेटवर्क की नकल करने के लिए सुपरकंडक्टिंग सर्किट का उपयोग करती है।
दुनिया की पहली ब्रेन-इंस्पायर्ड सुपरकंडक्टिंग चिप, 1 सेकंड में 10 लाख फ्यूजन प्लाज्मा सैंपल करेगी प्रोसेस
दुनिया की पहली ब्रेन-इंस्पायर्ड सुपरकंडक्टिंग चिप।

लॉन्ग आइलैंड  (न्यूयॉर्क)।  न्यूयॉर्क के वैज्ञानिकों ने अपनी तरह की पहली सुपरकंडक्टिंग न्यूरल चिप विकसित की है। यह हर सेकंड करीब 10 लाख फ्यूजन प्लाज्मा सैंपल को प्रोसेस करने में सक्षम है। इस नई 'सुपर इंटेलिजेंस' (SI) कंप्यूटर चिप को अमेरिकी ऊर्जा विभाग (DOE) की ब्रुकहेवन नेशनल लेबोरेटरी (BNL) के शोधकर्ताओं ने डिजाइन किया है। इस प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने प्रिंसटन प्लाज्मा फिजिक्स लेबोरेटरी (PPPL), DIII-D नेशनल फ्यूजन फैसिलिटी और कोलोराडो की टेक कंपनी ग्रेट स्काई के साथ मिलकर काम किया है।

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सुपरकंडक्टिंग सर्किट का उपयोग करती है

BNL के अनुसार यह चिप मानव मस्तिष्क के न्यूरल नेटवर्क की नकल करने के लिए सुपरकंडक्टिंग सर्किट का उपयोग करती है। इससे आने वाले समय में फ्यूजन रिएक्टरों में अत्यधिक गर्म प्लाज्मा की मॉनिटरिंग और कंट्रोल के तरीके में बड़ा सुधार हो सकता है। लैब टेस्ट में यह साबित हुआ है कि यह चिप प्लाज्मा के असामान्य व्यवहार को डिटेक्ट कर सकती है। यह अस्थिरताओं (Instabilities) का पहले से अनुमान भी लगा सकती है। DIII-D के निदेशक रिचर्ड बटररी (PhD) ने कहा, इस अनोखी चिप की मदद से टीम को हमारे टोकामैक से मिल रहे डेटा को प्रोसेस करते हुए देखना वाकई शानदार है। टीम का मानना है कि यह टेक्नोलॉजी फ्यूजन रिएक्टरों के लिए तेज और ज्यादा भरोसेमंद कंट्रोल सिस्टम तैयार करने में मददगार साबित होगी।

प्लाज्मा डेटा को संभालने की चुनौती

फ्यूजन रिएक्टरों में गर्म प्लाज्मा को एक जगह बनाए रखने के लिए चुंबकीय क्षेत्रों (Magnetic Fields) का इस्तेमाल किया जाता है। यहां तापमान 180 से 270 मिलियन डिग्री फारेनहाइट (100 से 150 मिलियन डिग्री सेल्सियस) के बीच रहता है। यह तापमान सूर्य के कोर के तापमान से लगभग 10 गुना अधिक है। इसके बावजूद प्लाज्मा की स्थितियां बहुत तेजी से बदल सकती हैं, इसलिए इसे स्थिर रखने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग बेहद जरूरी हो जाती है। इसके लिए ऐसे कंप्यूटरों की जरूरत होती है जो भारी मात्रा में डेटा को लगभग तुरंत प्रोसेस कर सकें।

पारंपरिक कंप्यूटिंग के बस की बात हीं

सिलिकॉन पर आधारित पारंपरिक कंप्यूटिंग सिस्टम इतने बड़े डेटा वॉल्यूम को इतनी तेज गति से प्रोसेस करने में सक्षम नहीं हैं। नई सुपरकंडक्टिंग न्यूरल चिप सुपरकंडक्टिंग सर्किट का इस्तेमाल करती है, जिसे इस तरह से व्यवस्थित किया गया है कि यह इंसानी दिमाग के कनेक्शन्स की नकल कर सके, और इसी वजह से यह बेहद तेज गति से सिग्नल प्रोसेस करने में सक्षम है।

सबसे बड़ी सुपरकंडक्टिंग न्यूरल चिप

PPPL के निदेशक स्टीवन काउली ने फ्यूजन रिएक्टरों के लिए हाई-स्पीड कंट्रोल सिस्टम विकसित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, हम SI युग की फ्यूजन मशीनें बना रहे हैं। उन्होंने आगे कहा-इस चिप ने सीधे टोकामैक से हर सेकंड लाखों सैंपल की दर से डेटा प्राप्त किया और उसके साथ तालमेल बनाए रखा। ग्रेट स्काई के मुताबिक यह डिवाइस अब तक की उनकी सबसे बड़ी सुपरकंडक्टिंग न्यूरल चिप है। 

Puneet Pandey
By Puneet Pandey

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