
संजय कुमार तिवारी-जबलपुर। ‘देश की महिलाओं को बड़े सपने देखने चाहिए और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। इसकी प्रेरणा हमें देश की वीरांगानाओं से लेनी चाहिए।’ यह बात भारत की पहली फाइटर पायलट अवनी चतुर्वेदी ने पीपुल्स समाचार से विशेष चर्चा में कही।
उपलब्धि यह भी : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साइट ऑफिस में एक ट्रेनिंग रूम का नाम अवनी के नाम पर होगा।
उड़ाती हैं सुखोई-30
वर्तमान में अवनी जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन में पदस्थ हैं तथा सुखोई- 30 फाइटर जेट उड़ा रही हैं।
कॉलेज में फ्लाइंग सीखी
अवनी ने कॉलेज के फ्लाइंग क्लब को जॉइन किया और विमान उड़ाना सीखा। बीटेक की पढ़ाई पूरी होने के बाद वे वायुसेना अकादमी के लिए चुनी गईं, जहां उन्होंने 6 महीने की ट्रेनिंग की।
2018 में बनी थीं फाइटर पायलट
- अवनी का जन्म 27 अक्टूबर, 1993 को रीवा में हुआ।
- अवनी ने अपनी स्कूली पढ़ाई मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के देवलोंद से पूरी की।
- राजस्थान की वनस्थली विवि से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है।
- 2018 में अवनी ने अकेले ही मिग-21 उड़ाकर देश की पहली महिला फ्लाइंग ऑफिसर बनने का गौरव हासिल किया।