सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में नियमित सुनवाई के दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई। एक व्यक्ति ने भारत के चीफ जस्टिस बी.आर. गवई पर जूता फेंक दिया। जूता उनके पैर तक जाकर गिरा, जिससे कोई चोट नहीं लगी। इस घटना ने अदालत की गरिमा को झटका दिया।
घटना के बाद भी चीफ जस्टिस बी.आर. गवई पूरी तरह शांत रहे। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसी बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता, आप अपनी दलीलें जारी रखें। उनके इस जवाब की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है।
जूता फेंकने वाले व्यक्ति की पहचान वकील राकेश किशोर के रूप में हुई है। कोर्ट स्टाफ ने तुरंत उन्हें पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस के मुताबिक राकेश किशोर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के रजिस्टर्ड सदस्य हैं और दिल्ली के मयूर विहार इलाके में रहते हैं।
यह घटना मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर परिसर में क्षतिग्रस्त विष्णु प्रतिमा की पुनर्स्थापना से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान हुई।
उस समय चीफ जस्टिस गवई ने कहा था कि यह प्रचार हित याचिका है। जाइए और स्वयं भगवान से कुछ करने को कहिए। यदि आप भगवान विष्णु के भक्त हैं तो प्रार्थना कीजिए और ध्यान कीजिए। उनकी इस टिप्पणी पर कुछ हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर काफी बहस हुई।
फिलहाल, आरोपी वकील से पूछताछ जारी है। अदालत में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने भी इस घटना की आंतरिक जांच शुरू कर दी है।