Pralhad Joshi :कौन हैं प्रह्लाद जोशी? कितने पढ़े-लिखे हैं नए शिक्षा मंत्री, जानिए पूरा राजनीतिक सफर

NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। इस्तीफे के कुछ घंटों बाद ही उनके नाम का ऐलान कर दिया गया। उन्हें यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब देश में परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक को लेकर छात्रों में नाराजगी है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग तेज है।
पहले से संभाल रहे हैं तीन अहम जिम्मेदारियां
प्रह्लाद जोशी पहले से ही उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।
कितने पढ़े-लिखे हैं प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद जोशी का जन्म कर्नाटक के बीजापुर (विजयपुरा) में हुआ। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई हुबली के रेलवे स्कूल और बाद में न्यू इंग्लिश स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने श्री कडासिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज, हुबली से बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) की डिग्री हासिल की। राजनीति में आने से पहले वे व्यवसाय से जुड़े थे। बाद में उन्होंने पूरी तरह सार्वजनिक जीवन और राजनीति को अपना लिया।
कैसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर?
प्रह्लाद जोशी का राजनीति में प्रवेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ाव के बाद हुआ। छात्र जीवन से ही वे सामाजिक और छात्र गतिविधियों में सक्रिय रहे। बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े और संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं।
साल 2004 में उन्होंने पहली बार कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से चुनाव जीता। इसके बाद से वे लगातार इसी सीट से सांसद चुने जाते रहे हैं। पार्टी संगठन और केंद्र सरकार में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।
केंद्र सरकार में निभा चुके हैं कई अहम भूमिकाएं
साल 2019 से 2024 तक प्रह्लाद जोशी ने संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री के रूप में काम किया। 2024 के बाद उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। अब इन मंत्रालयों के साथ उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी मिला है।
नई जिम्मेदारी मिलने पर क्या बोले प्रह्लाद जोशी?
शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को 'कर्तव्य और विनम्रता की भावना' के साथ स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वह पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करेंगे तथा देश की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
बड़ी चुनौती होगी शिक्षा व्यवस्था में सुधार
प्रह्लाद जोशी को ऐसे समय में शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है, जब देश में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, पेपर लीक पर रोक और शिक्षा सुधार सबसे बड़े मुद्दे बने हुए हैं। ऐसे में उनके सामने शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करना और सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।











