डिजिटल डेस्क। पुलिस के गलियारों में इन दिनों एक ऐसा प्रशासनिक फैसला सुर्खियों में है, जिसने पूरे महकमे में हलचल मचा दी है। मामला 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी अदिति सिंह से जुड़ा है, जिनकी लगातार अनुपस्थिति ने विभागीय कामकाज को प्रभावित किया। नतीजा यह हुआ कि उनका जिम्मा अस्थायी रूप से एक जूनियर अधिकारी को सौंप दिया गया। आमतौर पर शांत रहने वाला प्रशासनिक तंत्र इस फैसले के बाद चर्चा और अटकलों का केंद्र बन गया है।
अदिति सिंह वर्तमान में स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (SV & ACB), उत्तरी रेंज, धर्मशाला में पुलिस अधीक्षक (SP) हैं। हिमाचल प्रदेश के डीजीपी अशोक तिवारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अदिति सिंह 8 जनवरी से 22 फरवरी के बीच कुल 25 दिनों तक अवकाश पर रहीं। वह वर्तमान में धर्मशाला स्थित स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की उत्तरी रेंज में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हैं। यह विभाग भ्रष्टाचार जैसे संवेदनशील मामलों की जांच करता है, जहां काम की निरंतरता बेहद जरूरी होती है। उनकी अनुपस्थिति के चलते प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई गई।
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स्थिति को संभालने के लिए विभाग ने एक अहम कदम उठाते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्रह्म दास भाटिया को उनके कार्यों का प्रभार सौंप दिया। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि अदिति सिंह की मौजूदगी के दौरान भी भाटिया उनके साथ जुड़े रहेंगे, ताकि कामकाज में कोई व्यवधान न आए। सूत्र बताते हैं कि दिसंबर में भी अदिति सिंह एक आधिकारिक कार्यक्रम के सिलसिले में मुख्यालय से बाहर थीं, जिससे उनकी अनुपस्थिति का सिलसिला लंबा हो गया।

डीजीपी के आदेश में उनकी छुट्टियों का विस्तृत विवरण भी सामने आया है। जनवरी में उन्होंने 8 से 11 तारीख तक आकस्मिक और बीमारी अवकाश लिया। इसके बाद 12 जनवरी को सीएल ली। इकसे बाद 16 जनवरी से 19 जनवरी तक सीएल और सिक लीव ली। जबकि फरवरी में अर्जित अवकाश और मेडिकल लीव पर रहीं। 8 से 22 फरवरी के बीच उन्होंने लंबी छुट्टी ली, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित होने की संभावना बढ़ी। लगातार अवकाश की इस स्थिति ने प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने के लिए मजबूर कर दिया, जो अब पूरे पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बन चुकी है।