राजस्थान सरकार स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में वर्क फ्रॉर्म होम की नई पहल उन्हें वाकई असल रूप में सशक्त बनाएगी। राज्य में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के विकास को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार के महिला एवं विकास विभाग ने महिलाओं के लिए एक सुनहरा अवसर निकाला है। उनके लिए वर्क फ्रॉम होम के तहत एक बड़ी वैकेंसी निकाली गई है। जिससे स्त्रियां घर के कामों की देखभाल करने के साथ-साथ आसानी से आर्थिक रूप से खुद को मजबूत बना सकेंगी।
इतनी बड़ी वैकेंसी सचमुच, राज्य की स्थानीय महिलाओं को एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगी। घर पर रहकर ही वह सारे पारंपरिक कार्यों को कर पैसे कमा सकेंगी। सिलाई-बुनाई, अचार-पापड़, घरेलू मसालों को तैयार करना ये कुछ ऐसे काम होंगे, जिनके जरिए उन्हें अच्छे पैसे मिलेंगे।
बीकानेर, अलवर, जयपुर, जोधपुर, श्रीगंगानगर, चुरू, भीलवाड़ा ये राज्य के कुछ ऐसे प्रमुख जिलें हैं जहां महिलाओं को वर्क फ्रॉर्म होम की सुविधा बड़ी आसानी से उपलब्ध होगी। ये सभी नौकरियां प्राइवेट संस्थानों में हैं। दसवीं से लेकर ग्रेजुएट तक की सारी महिलाएं जिनकी आयु 18 वर्ष है, वह वर्क फ्रॉर्म होम कर सकती हैं।
वर्क फ्रॉर्म होम की चाह रखने वाली कैंडिडेट पोर्टल पर जाकर पूरी गाइडलाइन को अच्छे से पढ़े, समझें। साथ ही रजिस्ट्रेशन के लिए जन आधार कार्ड से संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें। रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी करने के बाद संबंधित पद के लिए अप्लाई नाउ पर जाकर क्लिक करें। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, अनुभव और सभी दस्तावेज अपलोड कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
राज्य की स्त्रियों को आर्थिक रूप से संपन्न बनाने की दृष्टि से राज्य सरकार का लिया गया यह फैसला वाकई सराहनीय है। इससे राजस्थान की महिलाएं न सिर्फ पैसों से मजबूत होंगी बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने 'IT & GCC Policy 4.0' के तहत राज्य में बड़े स्तर पर वर्क फ्रॉर्म होम की योजना को लागू करने के लिए अपना प्रस्ताव जारी किया है। इसके पीछे उनका असल मकसद यह है कि प्रदेश की हर महिला सशक्त व काबिल बन सकें, वर्किंग महिलाओं की कैपेसिटी बढ़े, जिससे राज्य आर्थिक व शिक्षित रूप से पूरी तरह विकसित हो सके।
वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में हर साल प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में Graded Response Action Plan के अंतर्गत जब भी जरूरत पड़ती है सरकारी व प्राइवेट क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को वर्क फ्रॉर्म होम की सुविधा सरकार द्वारा दी जाती है।
बिहार सरकार भी इस पहल में पीछे नहीं है। प्रदेश में 'मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना' के जरिए महिलाओं को अपना छोटा व्यवसाय या घर से जुड़ा काम शुरू करने के लिए सरकार वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। 10 हजार रुपए की राशि पहली किस्त के रूप में तय की गई है।