एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने हाल ही में हिंदी और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के प्रेजेंटेशन को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि दोनों इंडस्ट्री में ग्लैमर दिखाने का तरीका अलग है, लेकिन ऑब्जेक्टिफिकेशन का एंगल कहीं न कहीं मौजूद है। तापसी के मुताबिक हिंदी फिल्मों में जहां क्लीवेज पर ज्यादा फोकस रहता है, वहीं साउथ सिनेमा में नाभि को ग्लैमर का प्रमुख हिस्सा बनाया जाता है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है और इंडस्ट्री के वर्किंग कल्चर पर सवाल उठने लगे हैं।
अपनी अपकमिंग फिल्म अस्सी के प्रमोशन के दौरान तापसी ने एक इंटरव्यू में अपने करियर जर्नी और फिल्म सेट्स के अनुभव शेयर किए। उन्होंने बताया कि दिल्ली के मिडिल क्लास बैकग्राउंड से आने के बाद जब उन्होंने साउथ फिल्म इंडस्ट्री में काम शुरू किया, तो कई चीजें उनके लिए नई और चौंकाने वाली थीं। तापसी ने कहा कि कई बार सेट पर ऐसी डिमांड्स आती थीं, जो सीधे एक्ट्रेस से नहीं कही जाती थीं। निर्देशक से असिस्टेंट डायरेक्टर, फिर स्टाइलिंग टीम और आखिर में एक्ट्रेस तक बात पहुंचती थी।
जब उनसे पूछा गया कि खासकर साउथ और भोजपुरी गानों में नाभि पर इतना फोकस क्यों होता है, तो तापसी ने जवाब दिया कि वह खुद भी इसे समझने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी सिनेमा में भी ग्लैमर दिखाया जाता है, लेकिन वहां क्लीवेज पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। वहीं साउथ फिल्मों में कैमरा एंगल और कॉस्ट्यूम डिजाइन इस तरह से प्लान किए जाते हैं कि नाभि हाईलाइट हो।
तापसी ने बताया कि साउथ में कई बार एक्ट्रेसेस से पैडेड ब्रा पहनने के लिए कहा जाता है। यह बात सीधे नहीं कही जाती, बल्कि एक लंबी चेन के जरिए पास की जाती है।
उन्होंने कहा, “सोचिए, सेट पर मौजूद हर शख्स को पता होता है कि क्या बदलाव किया जा रहा है। एक्ट्रेस बीच में उठकर जाती है और सबकी नजरें उस पर होती हैं। यह सिर्फ कॉस्ट्यूम चेंज नहीं, बल्कि मानसिक तौर पर असहज करने वाला अनुभव होता है।” तापसी के मुताबिक यह स्थिति कई बार शर्मिंदगी और प्रेशर पैदा करती है, क्योंकि पूरी यूनिट जानती है कि निर्देशक किस तरह का लुक चाहता है।
बॉलीवुड में पहचान बनाने से पहले तापसी साउथ सिनेमा में बड़ा नाम बन चुकी थीं। उन्होंने साल 2010 में तेलुगू फिल्म झुम्मंडी नादम से अपने करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में वह अभिनेता मनोज मांचू के साथ नजर आई थीं। इसके बाद उन्होंने तेलुगू, तमिल और मलयालम फिल्मों में कई लीड रोल किए और अपनी अलग पहचान बनाई। बाद में हिंदी सिनेमा में एंट्री लेकर उन्होंने कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों के जरिए मजबूत मुकाम हासिल किया।
तापसी के बयान ने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री में फीमेल रिप्रेजेंटेशन और मेल गेज पर चर्चा छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर लोग इसे हिम्मत भरा बयान बता रहे हैं, तो कुछ इसे ओवरस्टेटमेंट भी कह रहे हैं। फिलहाल इतना तय है कि तापसी ने ग्लैमर के नाम पर होने वाले प्रेजेंटेशन पर एक जरूरी बातचीत शुरू कर दी है, जो लंबे समय से पर्दे के पीछे दबे स्वर में चल रही थी।