SIM निकालते ही बंद हो जाएगा WhatsApp :1 मार्च से SIM-Binding Rule लागू, जानें सरकार ने क्यों बनाया ये सख्त नियम

1 मार्च 2026 से WhatsApp, Telegram, Signal और Snapchat पर SIM-Binding नियम लागू होगा। अब ऐप सिर्फ उसी फोन में चलेगा जिसमें रजिस्टर्ड SIM एक्टिव हो। अगर SIM निकाल दी या बदली गई, तो ऐप काम नहीं करेगा। WhatsApp Web भी हर 6 घंटे में ऑटो-लॉगआउट होगा। यह कदम साइबर फ्रॉड और SIM स्वैप धोखाधड़ी रोकने के लिए है।
Follow on Google News
1 मार्च से SIM-Binding Rule लागू, जानें सरकार ने क्यों बनाया ये सख्त नियम
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    टेक डेस्क। भारत में डिजिटल सुरक्षा और साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए सरकार ने SIM-Binding नियम लागू किया है। जिसका असर 1 मार्च 2026 से WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat जैसे इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स पर होगा। इस नए नियम के अनुसार अब ये ऐप्स सिर्फ उसी फोन में काम करेंगे जिसमें रजिस्टर्ड SIM कार्ड मौजूद और एक्टिव हो।

    इसका मतलब यह है कि, अगर आप अपने फोन से SIM निकालते हैं या कोई दूसरा SIM डालते हैं, तो आपका WhatsApp, Telegram या Signal काम करना बंद कर देगा। पहले तक यूजर्स सिर्फ OTP या 6-डिजिट कोड डालकर किसी भी डिवाइस पर लॉगिन कर सकते थे और SIM एक्टिव या मौजूद न होने पर भी ऐप चलता रहता था। लेकिन नए नियम के बाद यह सब बदल जाएगा।

    SIM-Binding क्या है और कैसे काम करेगा?

    SIM-Binding असल में एक सुरक्षा फीचर है, जिसे पहले UPI ऐप्स में देखा गया था। यह आपके इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप को आपके फिजिकल SIM कार्ड के साथ लॉक कर देता है। मतलब, ऐप सिर्फ उसी फोन में चलेगा जिसमें आपका रजिस्टर्ड नंबर वाला SIM मौजूद है।

    इस फीचर के आने के बाद-

    • अगर SIM निकाल दी या बदली गई, तो ऐप काम करना बंद कर देगा।
    • WhatsApp Web में भी लॉगिन हर 6 घंटे में ऑटो-लॉगआउट होगा।
    • ऐप में दोबारा लॉगिन करने के लिए QR कोड स्कैन करना पड़ेगा।

    सरकार का उद्देश्य साफ है- साइबर फ्रॉड और SIM स्वैप धोखाधड़ी पर लगाम लगाना। हाल के वर्षों में फाइनेंशियल फ्रॉड और SIM स्वैप से जुड़े केस बढ़े हैं। SIM-Binding के आने से हैकर्स अब किसी दूसरे फोन पर आपके नंबर का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

    WhatsApp Beta में बदलाव

    Wabetainfo ने बताया कि, WhatsApp ने अपने Android Beta 2.26.8.6 अपडेट में SIM-Binding फीचर की टेस्टिंग शुरू कर दी है। इसका मतलब है कि, WhatsApp भारत के नए नियमों के अनुरूप काम करना शुरू कर चुका है।

    इस अपडेट में देखा गया-

    • ऐप अब सिर्फ एक्टिव SIM कार्ड के साथ काम करेगा।
    • अगर SIM नहीं है, तो ऐप चलना बंद कर देगा।
    • WhatsApp Web अब हर 6 घंटे में ऑटो-लॉगआउट होगा।

    इस बदलाव से यूजर्स को सुरक्षा तो मिलेगी, लेकिन कुछ नई आदतें डालनी होंगी। उदाहरण के लिए, अगर आप किसी डिवाइस पर लंबे समय तक WhatsApp Web इस्तेमाल करते हैं, तो हर 6 घंटे में QR कोड स्कैन करना पड़ेगा।

    यह भी पढ़ें: आया शॉकिंग अपडेट: आप आराम से सोएं! WhatsApp खुद भेज देगा आपका मैसेज

    1 मार्च 2026 से नए नियमों का प्रभाव

    1 मार्च 2026 से SIM-Binding नियम पूरे भारत में लागू हो जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि, इस पर कोई एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा।

    नियम लागू होने के बाद-

    मोबाइल ऐप्स: WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat सिर्फ उसी फोन में काम करेंगे जिसमें रजिस्टर्ड SIM मौजूद और एक्टिव हो।

    WhatsApp Web: हर 6 घंटे में अकाउंट अपने आप लॉगआउट होगा। दोबारा QR कोड स्कैन करना अनिवार्य होगा।

    सुरक्षा: OTP से कहीं भी लॉगिन करना अब पर्याप्त नहीं होगा। SIM-Binding के बिना ऐप काम नहीं करेगा।

    कंपनियों पर असर: कंपनियों को 120 दिन में नियम पालन की रिपोर्ट देनी होगी। नियम न मानने पर टेलीकॉम एक्ट 2023 और साइबर सिक्योरिटी नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।

    सरकार ने यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर फ्रॉड रोकने के लिए उठाया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह नियम सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जरूरी है और इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

    यूजर्स को क्या करना होगा?

    नए नियम के आने के बाद यूजर्स को ध्यान रखने की जरूरत है-

    • अपना रजिस्टर्ड SIM हमेशा उसी फोन में रखें जिसमें WhatsApp या अन्य मैसेजिंग ऐप्स चल रहे हैं।
    • अगर SIM निकाल दी गई, तो ऐप टेम्परेरी इनएक्टिव हो सकता है।
    • WhatsApp Web पर काम करने के लिए हर 6 घंटे में QR कोड स्कैन करना होगा।
    • प्रोफेशनल यूजर्स या परिवार जो एक ही अकाउंट शेयर करते हैं, उन्हें इस बदलाव के कारण थोड़ी परेशानी हो सकती है।

    सरकार और टेक कंपनियों का रुख

    इंडस्ट्री एसोसिएशन IAMAI ने सरकार को चेतावनी दी है कि हर 6 घंटे में ऑटो-लॉगआउट नियम प्रोफेशनल यूजर्स के लिए परेशानी भरा हो सकता है। सरकार ने साफ किया कि, नियम सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने के लिए जरूरी हैं। कंपनियों को नियम पालन की रिपोर्ट 120 दिन के भीतर देनी होगी। नियम न मानने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह भी पढ़ें: Froggy को कहा अलविदा! Google Weather फीचर में बड़ा बदलाव

    SIM-Binding का फायदा

    SIM-Binding लागू होने के बाद-

    • कोई भी हैकर आपके नंबर का इस्तेमाल किसी दूसरे फोन पर नहीं कर पाएगा।
    • SMS और कॉल फ्रॉड, SIM स्वैप धोखाधड़ी और फाइनेंशियल फ्रॉड पर लगाम लगेगी।
    • यूजर्स का डेटा और अकाउंट सुरक्षित रहेगा।

    WhatsApp, Telegram और Signal के लिए क्या बदलेगा?

    फीचर

    अभी

    1 मार्च 2026 से

    SIM की जरूरत

    SIM निकालने पर भी ऐप चलता

    रजिस्टर्ड SIM होना और एक्टिव रहना अनिवार्य

    WhatsApp Web

    लॉगिन लंबे समय तक एक्टिव

    हर 6 घंटे में ऑटो-लॉगआउट

    सुरक्षा

    OTP से लॉगिन

    SIM-Binding के बिना ऐप काम नहीं करेगा

    नियम उल्लंघन

    कोई पेनल्टी नहीं

    कंपनियों को 120 दिन में रिपोर्ट, कानूनी कार्रवाई संभव

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts