घुसपैठियों को वापस भेजेंगे, UCC भी लागू करेंगे...CM शुभेंदु अधिकारी ने किए बड़े ऐलान

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के साथ-साथ जबरन धर्मांतरण, लव जिहाद और भूमि जिहाद के खिलाफ सख्त कानून लाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत करने, सीमा पर अवैध घुसपैठ रोकने और बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए जल्द बड़े फैसले लेने जा रही है।
'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ और राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की।
धर्मांतरण, लव जिहाद और भूमि जिहाद पर बनेगा सख्त कानून
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जबरन धर्मांतरण, लव जिहाद और भूमि जिहाद जैसी गतिविधियों के खिलाफ कड़ा कानून लाएगी। उन्होंने कहा कि इन मामलों पर सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है और जल्द ही विधानसभा में इससे जुड़े विधेयक पेश किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को थोड़ा समय दिया जाए, क्योंकि इन कानूनों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
पश्चिम बंगाल में लागू होगी समान नागरिक संहिता (UCC)
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी पूरी गति से चल रही है। इसके लागू होने के बाद धर्म आधारित अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की जगह सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून लागू होगा। सरकार का दावा है कि, इससे सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित होगी।
सीमा सुरक्षा और घुसपैठ पर सरकार का बड़ा प्लान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई है। साथ ही सीमावर्ती जिलों में ऐसे होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं, जहां अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गैरकानूनी तरीके से भारत में प्रवेश किया है और जो राष्ट्रीय सुरक्षा या भारतीय संस्कृति के लिए खतरा बनते हैं, उन्हें उनके मूल देश वापस भेजा जाएगा।
CAA के तहत आने वाले शरणार्थियों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने अवैध घुसपैठियों और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत आने वाले शरणार्थियों के बीच अंतर भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू शरणार्थियों को घुसपैठिया नहीं माना जाएगा। ऐसे लोगों को CAA के प्रावधानों के अनुसार भारतीय नागरिकता दी जाएगी।
'राष्ट्रविरोधी गतिविधियां अब बर्दाश्त नहीं होंगी'
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अब राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय चरित्र को कमजोर करने वाली किसी भी ताकत को सफल नहीं होने देगी। उन्होंने यह भी कहा कि, पश्चिम बंगाल चैतन्य महाप्रभु, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमि है और राज्य उसी विचारधारा के अनुरूप आगे बढ़ेगा।
ऑपरेशन सिंदूर और राष्ट्रीय सम्मान का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि जो लोग ऑपरेशन सिंदूर का मजाक उड़ाते हैं, राष्ट्र का अपमान करते हैं या पहलगाम आतंकी हमले जैसे मामलों पर चुप रहते हैं, उनके लिए पश्चिम बंगाल में कोई स्थान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतेगी।
'वंदे मातरम्' को बताया राष्ट्र की संजीवनी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को देश के लिए संजीवनी मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि, यह गीत केवल एक राष्ट्रगीत नहीं बल्कि देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। उन्होंने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें महान साहित्यकार, पत्रकार और दूरदर्शी प्रशासक बताया, जिनकी रचनाएं आज भी नई पीढ़ी को प्रेरित करती हैं। सरकार ने पहली बार नैहाटी स्थित बंकिम चंद्र के पैतृक घर और कोलकाता स्थित उनके आवास पर भी आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित किए।
विधानसभा में पेश हो सकते हैं अहम विधेयक
मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि आगामी विधानसभा सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें समान नागरिक संहिता और राज्य में असामाजिक गतिविधियों से निपटने से जुड़े कानून प्रमुख होंगे। अगर UCC विधेयक पारित होता है तो पश्चिम बंगाल उन राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून लागू होगा।











