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सुवेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट में बड़े फैसले:बोर्ड-निगमों में मनोनीत नियुक्तियां खत्म

पश्चिम बंगाल सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बोर्ड और निगमों में होने वाली मनोनीत नियुक्तियों को समाप्त कर दिया है।
बोर्ड-निगमों में मनोनीत नियुक्तियां खत्म

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने सोमवार को बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राज्य सरकार के अधीन गैर-सांविधिक निकायों, बोर्डों, संगठनों और सार्वजनिक उपक्रमों में नियुक्त सभी मनोनीत सदस्यों, निदेशकों और अध्यक्षों का कार्यकाल तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार की ओर से जारी आदेश में सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और विभागीय सचिवों को तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।

रिटायरमेंट के बाद सेवा विस्तार पर भी रोक

राज्य सरकार ने 60 वर्ष की सामान्य सेवानिवृत्ति आयु पूरी करने के बाद एक्सटेंशन या री-अपॉइंटमेंट पर काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं भी तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का फैसला लिया है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद यह निर्णय लिया गया। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि इस फैसले से कितने अधिकारी और नियुक्तियां प्रभावित होंगी।

सरकारी स्कूल भर्ती में आयु सीमा 5 साल बढ़ी

कैबिनेट बैठक में सरकारी स्कूलों में नौकरी के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की आयु सीमा में 5 साल की बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी गई है। बताया जा रहा है कि यह फैसला चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किए गए वादे के अनुरूप लिया गया है।

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अफसरों के लिए शुरू होंगे ट्रेनिंग प्रोग्राम

कैबिनेट ने मुख्य सचिव को नेशनल और स्टेट कैडर के अधिकारियों के लिए केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने के निर्देश देने का अधिकार भी दिया है। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक क्षमता और कार्यप्रणाली में सुधार होगा।

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BNS और जनगणना अधिसूचना लागू करने का फैसला

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार ने संविधान का उल्लंघन करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) को राज्य में लागू नहीं किया था। अब नई सरकार ने इसे लागू करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा जून 2025 की जनगणना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय की अधिसूचना को भी तत्काल प्रभाव से लागू करने का फैसला लिया गया है जिसे पिछली सरकार ने नजरअंदाज कर दिया था।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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