नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक ऐसी चेतावनी जारी की है जिसने उत्तर से लेकर दक्षिण तक हड़कंप मचा दिया है। दो शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण देश के 24 राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ने वाला है। कहीं आसमान से ओले बरसेंगे, तो कहीं 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं तबाही मचा सकती हैं।
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वोत्तर की पहाड़ियों तक कुदरत का कड़ा पहरा रहने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से यह बदलाव 27 मार्च से शुरू होकर 31 मार्च तक जारी रहेगा। IMD ने साफ किया है कि इस दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी हो सकती है, जबकि मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधी और बारिश जनजीवन को प्रभावित करेगी।
यूपी और बिहार के लोगों के लिए आने वाले कुछ दिन संभलकर रहने वाले हैं।
उत्तर प्रदेश : राज्य के करीब 38 जिलों में बूंदाबांदी और गरज-चमक का अलर्ट है। हवाओं की रफ्तार 30 से 50 किमी/घंटा रह सकती है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
बिहार : यहां भी अगले 48 घंटों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। किसानों को विशेष रूप से सचेत रहने की सलाह दी गई है क्योंकि ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है।
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देश की राजधानी दिल्ली में आज सुबह से ही बादलों का डेरा है। IMD के मुताबिक आज हल्की बारिश हो सकती है लेकिन असली पिक्चर 29 मार्च से शुरू होगी। दिल्ली में 29 मार्च से बारिश का एक और दौर शुरू होगा, जिसमें 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है।
उत्तराखंड में मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ मैदानी इलाकों में धूप खिली है, तो दूसरी तरफ उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में मध्यम बारिश का अलर्ट है। 3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात (Snowfall) की संभावना जताई गई है, जो पर्यटकों के लिए रोमांचक लेकिन स्थानीय लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
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सबसे गंभीर चेतावनी पूर्वोत्तर राज्यों के लिए है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड में 28 से 30 मार्च के बीच भारी बारिश और ओलावृष्टि का अंदेशा है। यहां हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो कच्चे मकानों और पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी है।
प्रमुख शहरों का संभावित तापमान
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मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिनों तक बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर जारी रहेगा। विदर्भ में भी अगले 5 दिनों तक गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है। वहीं, दक्षिण भारत के केरल और गोवा में उमस भरी गर्मी परेशान करेगी, जबकि तमिलनाडु और तेलंगाना में छिटपुट बारिश बिजली गिरने की घटनाओं के साथ हो सकती है।