कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की लोक संस्कृति हमेशा से ही अपने अनोखे रीति-रिवाजों और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध रही है। हाल ही में कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक के ग्राम बैलगांव से एक ऐसा विवाह सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोरी हैं। यह शादी इसलिए खास है क्योंकि एक युवक ने दो युवतियों के साथ एक ही मंडप में सात फेरे लिए। शादी कोई छुपकर या गुपचुप तरीके से नहीं हुई। यह पूरा समारोह गाजे-बाजे और सामाजिक सहमति के साथ संपन्न हुआ।
इस अनोखी शादी का निमंत्रण पत्र (कार्ड) और शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कार्ड में दूल्हे के साथ दोनों दुल्हनों के नाम साफ दिखाई दे रहे हैं।
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वीडियो में देखा जा सकता है कि दूल्हा दोनों दुल्हनों का हाथ थामे अग्नि के फेरे ले रहा है। रस्में और परंपरागत समारोह पूरे विधिपूर्वक संपन्न हुए। वहीं शादी में मौजूद ग्रामीण और दोस्तों ने जमकर डांस और उत्सव का माहौल बनाया, जो किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं लग रहा था।
शादी कोई छुपकर या गुपचुप तरीके से नहीं हुई। यह पूरा समारोह गाजे-बाजे और सामाजिक सहमति के साथ संपन्न हुआ।
शादी के कार्यक्रम दो दिन चले। इस दौरान सभी सामाजिक और पारिवारिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया। विवाह स्थल को पूरी तरह से सजाया गया और ग्रामीणों ने उत्सव का आनंद लिया।
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स्थानीय लोग बताते हैं कि तीनों परिवारों की आपसी सहमति और समाज के बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलने के कारण यह शादी संभव हुई।
हालांकि, हिंदू विवाह अधिनियम के तहत द्विपत्नी विवाह की कानूनी मान्यता नहीं है, लेकिन बस्तर की लोक संस्कृति में सामाजिक समरसता और परंपरा को कानून की पेचीदगियों से ऊपर रखा गया।