लंदन। रिसर्चर्स ने कबाड़ से कुछ नया कर दिखाया है। उन्होंने बेकार PET ( polyethylene terephthalate) प्लास्टिक, अंडे के छिलकों के पाउडर और नदी की रेत को मिलाकर ऐसी पेवर टाइल्स बनाई हैं जो पूरी तरह से वेस्ट मटीरियल से बनी हैं। इस रिसर्च में सीमेंट का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया गया। इस नई तकनीक में सीमेंट की जगह पिघले हुए PET प्लास्टिक को बाइंडर के तौर पर इस्तेमाल किया गया है, जो टाइल को मजबूती देता है।
कैसे बनीं ये टाइल्स
टाइल बनाने के लिए तीन चीजों का इस्तेमाल हुआ। यह हैं वेस्ट PET प्लास्टिक, अंडे के छिलके का पाउडर और नदी की रेत। अंडे के छिलके के पाउडर और रेत को फिलर के तौर पर मिलाया गया। इस प्रोसेस से पहले प्लास्टिक कचरे को अलग किया गया फिर छोटे टुकड़ों में काटा, धोया और सुखाया गया। वहीं कैफेटेरिया के कचरे से जुटाए गए अंडे के छिलकों को साफ करके उबाला गया, फिर सुखाकर पीसकर बारीक पाउडर बनाया गया। रिसर्चर्स ने इन तीनों मटीरियल के अलग-अलग कॉम्बिनेशन से टाइल्स बनाकर उनकी मजबूती और फिजिकल गुणों को टेस्ट किया। जर्नल ऑफ मटीरियल्स साइंस: पॉलिमर्स में पब्लिश इस स्टडी का टाइटल पूरी तरह से वेस्ट से बनी PET-अंडे के छिलके-रेत कम्पोजिट पेवर टाइल्स था। रिसर्च के मुताबिक, इस तरह बनी टाइल्स पैदल चलने वाले रास्तों, पार्क, फुटपाथ और हल्के ट्रैफिक वाले एरिया के लिए बिल्कुल सही हैं।
तैयार मटीरियल को पिघले हुए प्लास्टिक में मिलाया
नदी की रेत को भी पहले धोकर और सुखाकर साफ किया गया, ताकि उसमें मौजूद गंदगी और अनचाहे कण निकल जाएं। इसके बाद सभी तैयार मटीरियल को पिघले हुए प्लास्टिक में मिलाकर अच्छे से मिक्स किया गया। तैयार घोल को सांचों में डाला गया, प्रेस करके कॉम्पैक्ट किया गया और ठंडा होने के लिए छोड़ दिया गया। मटीरियल के जमने के बाद सैंपल को सांचे से निकालकर उनकी टेस्टिंग की गई।
इस कॉम्बिनेशन से सबसे मजबूत टाइल बनीं
रिसर्चर्स ने PET, अंडे के छिलके के पाउडर और रेत के कई अलग-अलग अनुपात ट्राय किए, ताकि पता चल सके कि किस मिक्स से सबसे अच्छी परफॉर्मेंस मिलती है। टेस्ट में 70% PET, 20% अंडे के छिलके का पाउडर और 10% नदी की रेत वाला फॉर्मूला सबसे बेहतर निकला। इस रेश्यो से बनी टाइल्स ने बाकी सैंपल्स के मुकाबले दबाव और मोड़ने की ताकत में ज्यादा मजबूती दिखाई। साथ ही इस कॉम्बिनेशन में पानी सोखने की दर भी उन टाइल्स से कम रही जिनमें अंडे के छिलके या रेत की मात्रा ज्यादा थी। इससे साफ हुआ कि हर मटीरियल की सही मात्रा टाइल की क्वालिटी पर सीधा असर डालती है। रिसर्चर्स के मुताबिक यह चुना गया मिक्स फुटपाथ और हल्के ट्रैफिक वाले इस्तेमाल के लिए पूरी तरह उपयुक्त है।
माइक्रोस्कोपिक जांच की गई
टाइल्स के अंदर की बनावट को समझने के लिए रिसर्चर्स ने माइक्रोस्कोप से जांच की। सबसे मजबूत फॉर्मूले वाली टाइल में अंदरूनी संरचना काफी घनी और एकसमान मिली। इसमें PET मैट्रिक्स के भीतर अंडे के छिलके का पाउडर और रेत के कण अच्छी तरह से फैले हुए थे। जांच में यह भी सामने आया कि प्लास्टिक और फिलर मटीरियल के बीच बॉन्डिंग काफी मजबूत थी, जिसकी वजह से टाइल की मजबूती बढ़ी।